भारी जुर्माने सिर्फ कागजों में? बसंत पंचमी पर सरेआम उड़ी चाईना डोर, मूक दर्शक बनी पुलिस

Edited By Kalash,Updated: 24 Jan, 2026 01:03 PM

china door on basant panchami

एक तरफ जहां लोहड़ी व माघी के त्यौहार पर चारों तरफ खूनी डोर उड़ी तो वहीं बसन्त पंचमी पर भी चारों तरफ यही खूनी डोर उड़ती नजर आई।

अमृतसर (नीरज): एक तरफ जहां लोहड़ी व माघी के त्यौहार पर चारों तरफ खूनी डोर उड़ी तो वहीं बसन्त पंचमी पर भी चारों तरफ यही खूनी डोर उड़ती नजर आई। दूसरी तरफ प्रशासन की बनाई टीमें लोहड़ी के बाद पतंग विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों पर यह कहती नजर आई कि अपनी दुकानों पर चाइना डोर पर प्रतिबंध के पोस्टर लगाएं।

इतना भी नहीं पता कि चाइना डोर पतंग विक्रेताओं की दुकानों पर नहीं, बल्कि कुछ ऐसे लोग चोरी छिपे चाइना डोर बेचते हैं, जिनका पतंग व डोर के कारोबार से दूर का भी नाता नहीं है। इन लोगों में मुनियारी का काम करने वाले कुछ लोग, आम पापड़ बेचने वाले कुछ लोग, हलवाई व करियाना आदि का काम करने वाले कुछ लोग शामिल हैं, जो अपने जरा से मुनाफे के लिए लोगों की जिन्दगी के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं व मनुष्य से लेकर पशु-पक्षी इस खूनी डोर की चपेट में आकर तड़प-तड़पकर मरते हैं या फिर बुरी तरह से घायल होते हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि चाइना डोर के मामले में 15 लाख रुपए तक के जुर्माने का प्रावधान होने के बावजूद अमृतसर जिले में पी.सी.बी. व अन्य विभागों की तरफ से एक भी केस नहीं बनाया गया है। पुलिस की तरफ से कुछ केस जरूर बनाए गए हैं, लेकिन उनमें मौके पर ही जमानत मिल जाती है।

ड्रोन का भी नहीं किया गया प्रयोग 

वर्ष 2025 के दौरान लोहड़ी के पर्व व अन्य त्यौहारों के दौरान पुलिस की तरफ से शहरी व देहाती इलाकों में ड्रोन की मदद ली गई थी व ड्रोन के जरिए चाइना डोर का प्रयोग करने वालों पर नजर रखी गई। इस वर्ष रिकवरी भी काफी ज्यादा हुई थी, लेकिन इस बार ड्रोन भी नहीं उड़ाया गया। इससे चाइना डोर का प्रयोग करने वाले निश्चित नजर आए।

चाइना डोर का प्रयोग करने वालों पर एक भी केस नहीं

वर्ष 2026 में पुलिस व प्रशासन की तरफ से चाइना डोर की बिक्री करने वाले कुछ लोगों को जरूर गिरफ्तार किया गया, लेकिन चाइना डोर का प्रयोग करने वाले व चाइना डोर से पतंग उड़ाने वालों पर एक भी केस दर्ज नहीं किया गया, जबकि नियमानुसार चाइना डोर का प्रयोग करने वाले भी उतने ही जिम्मेदार हैं, जितना चाइना डोर की बिक्री करने वाले जिम्मेदार हैं। चाइना डोर का प्रयोग करने वालों में आम तौर पर यह धारणा बनाई जाती है कि नाबालिग हैं। पर्चा दर्ज हो गया तो भविष्य खराब हो जाएगा, लेकिन जब नाबालिगों की तरफ से उड़ाई गई चाइना डोर किसी का गला काटती है तो तब क्या हालात होते हैं, जिनके परिवार का कोई सदस्य इस डोर की चपेट में आकर मर जाता है।

टैक्स माफिया ट्रांसपोर्टेशन के जरिए गर्मियों में ही स्टोर होती है चाइना डोर 

चाइना डोर की तलाश में आम तौर पर जहां सर्दी के दिनों में खास तौर पर लोहड़ी त्यौहार के नजदीक आने पर पुलिस व प्रशासन की तरफ से छापेमारी की जाती है तो वहीं सूत्रों ने बताया कि आम तौर पर गर्मी के दिनों में ही टैक्स माफिया, जिनमें दो नंबरी ट्रांसपोर्ट और रेलवे स्टेशन के टैक्स माफिया के जरिए चाइना डोर मंगवाई जाती है और स्टोर कर ली जाती है।

चाइना डोर के मैन्यूफैक्चरर को नहीं पकड़ा जाता 

आम तौर पर जब पुलिस की तरफ से किसी चाइना डोर विक्रेता को गिरफ्तार किया जाता है तो जांच सिर्फ उस पर पर्चा दर्ज करने तक सीमित कर दी जाती है, जबकि उनसे यह पता लगाने का प्रयास नहीं किया जाता कि किस मैन्यूफैक्चरर से चाइना डोर मंगवाई है। आखिरकार कहीं न कहीं तो चाइना डोर तैयार की ही जाती है। वर्ष 2025 के दौरान भी एक निजी ट्रांसपोर्ट कंपनी के गोदाम में 1200 चाइना डोर गट्टू पकड़े गए उसको भेजने वाले का पता करनाल से था, लेकिन पुलिस ने वहां तक पहुंच ही नहीं की और केस को दबा दिया गया। कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए मैन्यूफैक्चरर गट्टू पर यह लिख देता है कि नॉट फॉर काइट यूज अब सवाल खड़ा होता है कि यदि नॉट फॉर काइट यूज है तो किस यूज के लिए यह बनाई गई है।

परंपरागत डोर कारोबार किया बेड़ा गर्क

काइट एंड डोर एसोसिएशन के प्रधान सुभाष बहल ने बताया कि चाइना डोर ने परंपरागत डोर कारोबार, जिसमें चलखड़ी व पिन्ना वाली डोर का बेड़ागर्क कर दिया है। चाइना डोर की आमद होते ही परंपरागत डोर विक्रेताओं की तरफ से डी.सी. व पुलिस अधिकारियों को ज्ञापन दिए गए। यहां तक चाइना डोर की बिक्री करने वालों के नाम तक दिए गए, लेकिन कोई असर नहीं पड़ा।

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