प्रवासी मजदूरों की पंजाब वापसी के लिए कैप्टन ने पासवान को लिखा पत्र

Edited By Tania pathak,Updated: 12 Jun, 2020 10:54 AM

captain writes letter to paswan for return of migrant laborers

यह कदम औद्योगिक गतिविधियों को मज़दूरों को अपनी रोज़ी -रोटी के लिए काम पर लौटने के लिए उत्साहित करने के लिए और ज्यादा सहायक सिद्ध होगा...

चंडीगढ़: पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने गुरूवार को केंद्रीय मंत्री राम विलास पासवान को पत्र लिख कर प्रवासी मज़दूरों और राज्य के गरीब नॉन ऐनऐफऐसए (राष्ट्रीय ख़ुराक सुरक्षा एक्ट) नागरिकों को बांटने के लिए 2 महीनो के लिए 14144 मीट्रिक टन गेहूँ और 1414 मीट्रिक टन दालों की मांग की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कदम औद्योगिक गतिविधियों को मज़दूरों को अपनी रोज़ी -रोटी के लिए काम पर लौटने के लिए उत्साहित करने के लिए और ज्यादा सहायक सिद्ध होगा।

केंद्रीय मंत्री को लिखे पत्र में कैप्टन अमरिन्दर ने कहा कि केंद्र की तरफ से यह प्रयास किया जाना बहुत ज़रूरी था क्योंकि पिछले कुछ महीनों से वेतन /मज़दूरी के हुए नुक्सान के कारण प्रवासियों और गरीब नॉन ऐन. ऐफ. ऐस. ए. नागरिकों को बुरी तरह चोट लगी है। भारत सरकार ने आत्मनिर्भर भारत योजना के अंतर्गत प्रवासियों और नान -ऐन. ऐफ. ऐस. ए. लाभपातरियें को बाँटने के लिए 14,144 मीट्रिक टन गेहूँ और 1015 मीट्रिक टन दालें रखी थी। राज्यों में इन स्टाकों की बाँट जारी है और अगले 10 -15 दिनों में पूरा होने की उम्मीद है। इस योजना के अंतर्गत राज्य सरकार की तरफ से प्रवासी मज़दूरों और नॉन ऐनऐफऐसए को अब तक 10 किलो आटा, 2 किलो दाल और 2 किलो चीनी वाले 14 लाख से अधिक सूखे राशन के पैक्ट बाँटे जा चुके हैं।

भारत सरकार ने प्रति व्यक्ति 10 किलो गेहूँ और लगभग 500 ग्राम दाल दी थी। इस के बाद राज्य सरकार ने गरीब प्रवासियों की तरफ से आसानी के साथ उपभोग के लिए इस गेहूँ को आटे में बदलने का फ़ैसला किया था। इस के अलावा, दाल की मात्रा जो काफ़ी कम थी, को 500 ग्राम से बढा कर 2 किलो किया गया और चीनी की मात्रा में विस्तार किया गया।

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