अब घर बनाना भी हुआ मुश्किल, ईंटों के आसमान पहुंचे दाम

Edited By Kalash,Updated: 04 May, 2026 10:54 AM

brick prices increase

कहते हैं कि इंसान के जीवन में रोटी, कपड़ा और मकान की बहुत जरूर है, पर अब गरीब वर्ग के लोगों के लिए घर बनाना बहुत मुश्किल हो गया है

कोट फतूही : कहते हैं कि इंसान के जीवन में रोटी, कपड़ा और मकान की बहुत जरूर है, पर अब गरीब वर्ग के लोगों के लिए घर बनाना बहुत मुश्किल हो गया है क्योंकि ईंटों के रेट आसमान छू रहे हैं, जिस कारण घर बना रहे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालात यहां तक बन गए हैं कि भट्ठों पर ईंटों के लिए प्रति हजार ईंटों के लिए 8 हजार से लेकर 10 हजार तक के करीब रकम वसूली जा रही है जबकि कई भट्ठा मालिक ईंटों का स्टॉक खत्म होने का दावा कर रहे हैं और अब ईंटों की भी सिलेंडर जैसे एडवांस बुकिंग हो रही है।          

स्थिति और भी गंभीर उस समय बन जाती है जब कई भट्ठा मालिक ईंट देने से ये कह कर इनकार कर रहे हैं कि उनके पास स्टॉक खत्म हो चुका है। इससे मकान के निर्माण करने वाले लोगों पर अधिक वित्तीय बोझ पड़ रहा है और कई निर्माण कार्य अभी बीच में ही रुके हुए हैं। भट्ठा उद्योग से जुड़े अन्य लोगों ने बताया कि US-ईरान युद्ध, कोयले की कीमतों में बढ़ोतरी और सरकार द्वारा माइनिंग फीस बढ़ाने के कारण भी भट्ठों पर एक्स्ट्रा बोझ पड़ा है।   रेत, मिट्टी और दूसरे कच्चे माल की कीमत बढ़ने से ईंटों की कीमत और बढ़ गई है। भट्ठा मालिकों का कहना है कि उनके पास रेट बढ़ाने के अलावा कोई दूसरा चारा नहीं है। कोयले पर बढ़ा हुआ GST, महंगी लेबर और माइनिंग फीस जैसे कई कारणों ने मिलकर ईंटों की कीमतों को आसमान पर पहुंचा दिया है।

दूसरी तरफ घर बनाने वाले लोगों ने सरकार से मांग की है कि ईंटों की कीमतों पर नजर रखी जाए और भट्ठा उद्योग को कुछ राहत दी जाए ताकि आम लोगों पर वित्त बोझ कम हो सके और आम आदमी को घर बनाने में किसी तरह की दिक्कत न हो और ईंटों की कीमतों को भी कंट्रोल में रखा जाए ताकि सभी वर्ग के लोगों को घर बनाने में कोई दिक्कत न हो।

अपने शहर की खबरें Whatsapp पर पढ़ने के लिए Click Here 

Related Story

    Trending Topics

    img title
    img title

    Be on the top of everything happening around the world.

    Try Premium Service.

    Subscribe Now!