Edited By Subhash Kapoor,Updated: 22 Apr, 2026 06:01 PM

पंजाब के होशियारपुर से जुड़ी एक परिवार की कहानी इन दिनों चर्चा में है, जहां एक मां की मेहनत और संघर्ष ने उसकी दोनों बेटियों को जर्मनी की राजनीति तक पहुंचा दिया। जानकारी के अनुसार, टांडा के गांव रड़ा में ब्याही मनदीप कौर साल 2012 में अपनी 8 और 5 साल...
पंजाब डैस्क : पंजाब के होशियारपुर से जुड़ी एक परिवार की कहानी इन दिनों चर्चा में है, जहां एक मां की मेहनत और संघर्ष ने उसकी दोनों बेटियों को जर्मनी की राजनीति तक पहुंचा दिया। जानकारी के अनुसार, टांडा के गांव रड़ा में ब्याही मनदीप कौर साल 2012 में अपनी 8 और 5 साल की बेटियों के साथ बेहतर भविष्य की तलाश में पुर्तगाल गई थीं। लेकिन वहां उनके पति ने उन्हें अकेला छोड़ दिया और अलग रहने का फैसला कर लिया। इस मुश्किल स्थिति के बावजूद मनदीप कौर ने हार नहीं मानी।
इसके बाद वह जर्मनी चली गईं, जहां उन्होंने एक रेस्टोरेंट में काम करके अपनी दोनों बेटियों की परवरिश की और उन्हें पढ़ाया-लिखाया। उनकी मेहनत का ही नतीजा है कि आज दोनों बेटियां जर्मनी में राजनीति के क्षेत्र में अपनी पहचान बना रही हैं।
बड़ी बेटी हरप्रीत कौर ने साल 2022 में जर्मनी में ओसलैंडर (विदेशी नागरिकों की यूनियन) का चुनाव जीतकर अपनी शुरुआत की थी। इसके बाद 2026 में उन्होंने सिटी काउंसिल का चुनाव भी जीत लिया। वहीं छोटी बेटी कोमलप्रीत ने भी इस बार ओसलैंडर चुनाव में भाग लिया और लोगों के समर्थन से जीत हासिल की हैं। इस तरह से अब दोनों बहनें जर्मनी की संसद में भारतीयों व अन्य लोगों के मुद्दे गर्मजोशी के साथ उठा रही हैं।
अब दोनों बहनें जर्मनी में रह रहे भारतीयों सहित अन्य प्रवासियों के मुद्दों को उठा रही हैं और उनकी आवाज बन रही हैं। यह कहानी दिखाती है कि मेहनत और हौसले से मुश्किल हालात को भी बदला जा सकता है।