समराला के बाद अब जीरकपुर में बड़ा हादसा! पतंगबाजी ने छीन ली 2 बच्चों की जान

Edited By Urmila,Updated: 26 Jan, 2026 01:38 PM

big accident in zirakpur

जब देश और जिले के लोग गणतंत्र दिवस की खुशियां मनाने की तैयारी कर रहे थे, उससे एक शाम पहले जीरकपुर की हरमिलाप नगर कॉलोनी में एक दुखद हादसा हुआ।

जीरकपुर (धीमन) : जब देश और जिले के लोग गणतंत्र दिवस की खुशियां मनाने की तैयारी कर रहे थे, उससे एक शाम पहले जीरकपुर की हरमिलाप नगर कॉलोनी में एक दुखद हादसा हुआ, जिसने हर किसी की रूह को कंपा कर रख दिया। पतंगबाजी के चक्कर में दो मासूमों की जान चली गई। शाम करीब 6 बजे रेलवे ट्रैक के पास हुए एक भयानक हादसे में दो बच्चे ट्रेन की चपेट में आकर मर गए।

railway accident

अंबाला से चंडीगढ़ जा रही एक तेज रफ्तार ट्रेन ने हरमिलाप नगर के पास दोनों बच्चों को कुचल दिया। पल भर में दो घरों के चिराग हमेशा के लिए बुझ गए और पूरी कॉलोनी मातम में डूब गई। मृतकों की पहचान शिवम (14) बेटा अभिमन्यु और आरुष कुमार (10) बेटा बाल चंद्र, दोनों निवासी हरमिलाप नगर, जीरकपुर के रूप में हुई है। इस मामले में जांच अधिकारी सतबीर सिंह ने बताया कि दोनों बच्चों के शव कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए पंचकूला सिविल हॉस्पिटल भेज दिए गए हैं। मामले की जांच जारी है और कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

दोनों मासूम प्रवासी परिवारों से हैं

दोनों बच्चे प्रवासी परिवारों से थे। आरुष क्लास 4 का स्टूडेंट था जबकि शिवम क्लास 6 में पढ़ता था। शिवम के पिता प्राइवेट ड्राइवर हैं और आरुष के पिता एक घर में केयरटेकर का काम करते हैं। हरमिलाप नगर के रहने वाले और समाजसेवी सुरिंदर वर्मा के मुताबिक, दोनों बच्चे शाम को पतंग उड़ा रहे थे। खेलते-खेलते पतंग रेलवे लाइन की तरफ चली गई। इलाके में सेफ्टी के लिए रेलवे फेंसिंग है, लेकिन बचपन की लापरवाही और खेल के जुनून ने खतरे को नजरअंदाज कर दिया। अगले ही पल तेज रफ्तार ट्रेन ने दोनों मासूमों की जान ले ली।

रो-रो कर टूट गए माता-पिता, कॉलोनी में मातम छा गया

हादसे की खबर मिलते ही हरमिलाप नगर में हड़कंप मच गया। मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। माता-पिता की चीखें, मांओं का विलाप और परिवारों की बुरी हालत, इस मंजर ने हर किसी का दिल चीर दिया। पूरी कॉलोनी में सन्नाटा और उदासी छा गई।

गणतंत्र दिवस की खुशी से पहले मातम

देश के तिरंगे से सजने से एक दिन पहले दो परिवारों की दुनिया उजड़ गई। खुशी के शोर से पहले मौत के सन्नाटे ने सब कुछ रोक दिया। स्थानीय निवासियों का कहना है कि पतंग उड़ाना बच्चों के लिए मौत का फंदा बनता जा रहा है। रेलवे ट्रैक, सड़कों और छतों के पास यह खेल जानलेवा साबित हो रहा है। हरमिलाप नगर और आसपास के इलाकों के निवासियों ने डेराबस्सी विधानसभा क्षेत्र में पतंग उड़ाने पर परमानेंट बैन लगाने की मांग की, ताकि भविष्य में किसी और घर का चिराग इस तरह न बुझे। अब सवाल यह उठता है कि क्या हर मासूमों की जान जाने के बाद ही सख्त कदम उठाए जाएंगे? या ये मौतें भी आंकड़ों में दबकर रह जाएंगी? यह हादसा सिर्फ दो बच्चों की मौत नहीं है - यह समाज, प्रशासन और हमारी सांझी लापरवाही पर एक गंभीर सवाल है।

एक दिन, दो हादसे... पतंगबाजी ने मासूम जिंदगियों पर कहर बरपाया

ज़ीरकपुर की हरमिलाप नगर कॉलोनी में हुआ यह दर्दनाक हादसा कोई अकेला हादसा नहीं है। इससे एक दिन पहले, शनिवार को समराला में भी चाइना डोर की वजह से 15 साल के स्टूडेंट तरनजोत की जान चली गई थी। दो अलग-अलग जगहें लेकिन वजह एक ही है - पतंगबाजी से जुड़ी लापरवाही और खतरनाक डोर। समराला में जहां चाइना डोर ने एक बच्चे की गर्दन काटकर उसकी जान ले ली, वहीं ज़ीरकपुर में पतंगबाजी के शौक ने दो बच्चों को रेलवे ट्रैक पर पहुंचा दिया। एक हादसा डोर से जुड़ा था, दूसरा ट्रेन से, लेकिन दोनों की जड़ एक ही है।

अपने शहर की खबरें Whatsapp पर पढ़ने के लिए Click Here

Related Story

    Trending Topics

    IPL
    Royal Challengers Bengaluru

    190/9

    20.0

    Punjab Kings

    184/7

    20.0

    Royal Challengers Bengaluru win by 6 runs

    RR 9.50
    img title
    img title

    Be on the top of everything happening around the world.

    Try Premium Service.

    Subscribe Now!