नशा न मिलने से फंदा लगाकर की सुसाइड की कोशिश, डेढ़ घंटा एम्बुलैंस में तड़पता रहा

Edited By Vaneet,Updated: 02 Jun, 2020 12:21 PM

suicide attempt by keeping the noose from addiction

ई.एस.आई. अस्पताल भी लापरवाहियों में सिविल अस्पताल से कम नहीं है। वहां इंसान की जान की कीमत कुछ नहीं है।...

लुधियाना(राज): ई.एस.आई. अस्पताल भी लापरवाहियों में सिविल अस्पताल से कम नहीं है। वहां इंसान की जान की कीमत कुछ नहीं है। सोमवार को अस्पताल में कुछ ऐसा ही देखने को मिला जब एम्बुलैंस में एक मरीज जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा था। वह तड़प रहा था, उसकी पत्नी भी जोर-जोर से रो रही थी, मगर अस्पताल का स्टाफ उसे एडमिट ही नहीं कर रहा था। उसे एम्बुलैंस में तड़पते डेढ़ घंटा हो गया था लेकिन कोई भी उसकी तरफ ध्यान नहीं दे रहा था। इसके बाद जब पंजाब केसरी की टीम को इस बात का पता चला और इसकी कवेरज आरंभ की तो आनन-फानन में अस्पताल ने मरीज को भर्ती कर लिया। इसके बाद कुछ देर बाद ही उसे पटियाला रैफर कर दिया।

हैबोवाल के महावीर जैन कालोनी की शालू ने बताया कि उसका पति प्रदीप कुमार नशे का आदी है। उसकी दवा भी चल रही है मगर वह खाता नहीं था। वह नशे के लिए पैसे मांग रहा था जोकि उसने देने से मना कर दिया था। इसलिए पति ने गुस्से में आकर चुन्नी के सहारे फंदा लगाकर आत्महत्या करने की कोशिश की। समय रहते उसे पता चल गया और उसे तुरंत नीचे उतार लिया गया। वह सबसे पहले पति को एक प्राइवेट अस्पताल में लेकर गई जहां फस्र्ट एड देकर उसे सिविल अस्पताल रैफर कर दिया गया जहां से उन्हें ई.एस.आई अस्पताल भेजा गया, मगर अस्पताल के स्टाफ ने उसके पति को एडमिट नहीं किया। वे आधार कार्ड की मांग करने लगे। उसने बताया कि वह जल्दी में आधार कार्ड साथ नहीं लाई, लिहाजा वह पति को एडमिट कर लें, वह घर से आधार कार्ड ले आती है, मगर ई.एस.आई. अस्पताल के स्टाफ ने एक न सुनी। 

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