बचपन में अगर एलर्जी का इलाज न किया जाए तो यह अस्थमा का कारण बन सकती है : डा. हरसिमरन

Edited By Bhupinder Ratta,Updated: 22 Feb, 2020 10:21 AM

doctor hrsimran

जालन्धर एकैडमी ऑफ पैडिएट्रिक्स (जे.ए.पी.) द्वारा विगत रात्रि आयोजित सी.एम.ई. में पटियाला से आए डा. हरसिमरन तुली मुख्य वक्ता थे।

जालन्धर (रत्ता): जालन्धर एकैडमी ऑफ पैडिएट्रिक्स (जे.ए.पी.) द्वारा विगत रात्रि आयोजित सी.एम.ई. में पटियाला से आए डा. हरसिमरन तुली मुख्य वक्ता थे। सी.एम.ई. के शुरू में जे.ए.पी. की प्रधान डा. अनुपमा सग्गड़ ने सभी का स्वागत करते हुए आगामी कार्यक्रम के बारे में बताया। मुख्य वक्ता डा. हरसिमरन ने ‘एलर्जिक राइनाटिस इन चिल्ड्रन’ विषय पर बोलते हुए कहा कि बच्चों को एलर्जी होने के अलग-अलग कारण जैसे मौसम में तबदीली, धूल-मिट्टी, प्रदूषित वातावरण, कुछ खाद्य पदार्थ, दवाइयां इत्यादि हो सकते हैं।

उन्होंने बताया कि बच्चों की एलर्जी का अगर बचपन में ही इलाज न किया जाए तो यह आगे चल कर अस्थमा व अन्य कई गम्भीर बीमारियों का कारण बन सकती है। डा. हरसिमरन ने एलर्जी के लक्षण व इलाज संबंधी विस्तृत जानकारी देते हुए उपस्थिति के सवालों के जवाब भी दिए। वरिष्ठï बाल रोग विशेषज्ञ डा. कुंज लालवानी व डा. रविपाल सी.एम.ई. के चेयरपर्सन थे। अंत में जे.ए.पी. प्रधान डा. अनुपमा, सचिव डा. गौतम चावला, कोषाध्यक्ष डा. निखार महाजन व चेयरपर्सन ने मुख्य वक्ता को सम्मानित किया। इस अवसर पर डा. एस.एल. चावला, डा. ललित टंडन, डा. अशोक मारकंडा, डा. पंकज पाल, डा. मनीश, डा. नवदीप छाबड़ा सहित कई डाक्टर उपस्थित थे।

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