निहंग सिंहों ने सदैव धर्म, राष्ट्र और मानवता की रक्षा की : सीएम सैनी

Edited By Yakeen Kumar,Updated: 03 Jan, 2026 07:19 PM

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हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि ‘निहंग’ शब्द का अर्थ निडर हृदय वाले योद्धा से है और स्वयं गुरु साहिबान ने निहंग सिंहों को

चंडीगढ़ (चंद्र शेखर धरणी) : हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि ‘निहंग’ शब्द का अर्थ निडर हृदय वाले योद्धा से है और स्वयं गुरु साहिबान ने निहंग सिंहों को शस्त्रधारी ‘अकाल सेना’ का स्वरूप प्रदान किया था। खालसा पंथ में निहंग सिंह संप्रदाय की स्थापना का उद्देश्य धर्म और देश की रक्षा करना था, विशेषकर उन आक्रामणकारियों से जो बाहर से आकर भारत की सभ्यता और संस्कृति को चुनौती देते थे। मुख्यमंत्री आज अपने चंडीगढ़ स्थित आवास संत कबीर कुटीर में आयोजित निहंग सिंह संप्रदाय सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर निहंग सिंह साहेबान ने मुख्यमंत्री को सरोपा और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित भी किया। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि 18वीं शताब्दी में अफगान आक्रांता अहमदशाह अब्दाली के बार-बार किए गए आक्रमणों को रोकने में निहंग सिंहों की भूमिका ऐतिहासिक रही। निहंग सिंहों ने सदैव ही धर्म, राष्ट्र और मानवता की रक्षा की है। महाराजा रणजीत सिंह की सरकार-ए-खालसा की मजबूती का श्रेय भी निहंग सिंह योद्धाओं को जाता है। उनकी सेना में निहंग सिंहों का विशेष जत्था होता था, जो मुगल आक्रमणकारियों से मुकाबला करने में निपुण था।

सैनी ने कहा कि भगानी और चमकौर के रणक्षेत्रों में निहंग सिंह गुरु साहिबान की ढाल बनकर खड़े रहे। बाद में बाबा बंदा सिंह बहादुर जी, बाबा दीप सिंह जी जैसे महान निहंग योद्धाओं ने मुगलों को परास्त कर खालसा पंथ को सुदृढ़ किया। सिख समाज में निहंग सिंहों का स्थान अत्यंत गौरवपूर्ण है, वे खालसा पंथ की रीढ़ हैं और उनका जीवन गुरु साहिबान की शिक्षाओं को समर्पित रहा है।  

मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार गुरु साहिबानों की शिक्षाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। गत नवंबर माह में श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी वर्ष के उपलक्ष्य में पूरे प्रदेश में अनेक कार्यक्रम आयोजित किए। कुरुक्षेत्र के ज्योतिसर में 25 नवंबर 2025 को राज्य-स्तरीय विशाल समागम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सहभागिता की और श्री गुरु तेग बहादुर को समर्पित सिक्के, डाक टिकट तथा कॉफी टेबल बुक का विमोचन किया। इस अवसर पर लाखों श्रद्धालुओं ने गुरु जी को नमन किया।

उन्होंने कहा कि गुरु जी की शिक्षाओं के प्रचार-प्रसार हेतू हरियाणा के रोड़ी, पिंजौर, फरीदाबाद और सढौरा से चार यात्राएं निकाली गईं, जो प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से होती हुई 24 नवंबर को कुरुक्षेत्र पहुंचीं। करनाल में ‘हिन्द की चादर’ मैराथन आयोजित की गई, जिसमें 80 हजार से ज्यादा लोगों ने भाग लिया। सोनीपत के गांव बढ़खालसा में दादा कुशाल सिंह दहिया के बलिदान स्थल पर श्रद्धांजलि समारोह आयोजित किया गया। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि यमुनानगर के कलेसर में श्री गुरु तेग बहादुर जी के नाम पर वन स्थापित करने तथा उनकी स्मृति में यादगारी गेट के निर्माण का निर्णय लिया गया है। किशनपुरा, यमुनानगर में श्री गुरु तेग बहादुर कृषि महाविद्यालय खोलने की घोषणा की गई है। वर्ष 1984 के दंगों में प्रभावित 121 सिख परिवारों के एक-एक सदस्य को नौकरी देने का प्रावधान किया गया है। पंचकूला में वीर बाल दिवस पर केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी ने ऐसे परिवारों को नियुक्ति पत्र वितरित किए।

उन्होंने कहा कि हरियाणा विधानसभा के शीतकालीन सत्र में ‘हिन्द की चादर’ श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी वर्ष आयोजनों पर सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया। इसी तरह से सिरसा स्थित चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय में गुरु जी पर शोध के लिए स्थापित चेयर नई शोध परंपराओं को दिशा देगी। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि गवर्नमेंट पॉलिटेक्निक कॉलेज अंबाला का नाम श्री गुरु तेग बहादुर जी के नाम पर रखा गया है, टोहाना-जींद-धमतान साहिब मार्ग को श्री गुरु तेग बहादुर मार्ग नाम दिया गया है तथा यमुनानगर के मेडिकल कॉलेज का नाम ‘हिन्द की चादर’ श्री गुरु तेग बहादुर जी के नाम पर रखा गया है। असंध कॉलेज का नाम बाबा फतेह सिंह जी के नाम पर तथा लखनौर साहिब में माता गुजर कौर के नाम से वीएलडीए कॉलेज स्थापित किया गया है। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा को लंबे समय तक पंजाब का छोटा भाई कहा जाता रहा, किंतु आज सशक्त नेतृत्व, दूरदर्शी नीतियों और केंद्र सरकार के सहयोग से हरियाणा देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। निवेश, विकास, प्रति व्यक्ति आय, मानव विकास, किसान कल्याण, महिला सशक्तिकरण, युवा भागीदारी और खेल जैसे हर क्षेत्र में हरियाणा ने नई पहचान बनाई है। पंजाब को पुनः गौरवशाली बनाने में निहंग सिंह निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने कहा कि निहंग सिंह संप्रदाय ने साहस, त्याग और शैर्य की जीवंत मिशाल बनकर अपने प्राणों की परवाह किए बिना धर्म, न्याय और मानवीय मूल्यों की रक्षा की है। 

इस अवसर पर निहंग सिंह संप्रदाय के जत्थेदार बाबा जसवंत सिंह, बाबा दविंद्र सिंह, गुरप्रीत सिंह, माता जसबीर कौर, बाबा बालक सिंह, बाबा बलबीर सिंह, बाबा सुखदेव सिंह, बाबा मेजर सिंह, बाबा कुलविंद्र सिंह, बाबा जोधा सिंह, बाबा सुखजीत सिंह कन्हैया, मुख्यमंत्री के ओएसडी श्री बी बी भारती, मुख्यमंत्री के पॉलीटिकल सेक्रेटरी तरूण भंडारी व अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे। 

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