ऐसा ‘लक्की’ गैंग जो केवल बनाता था श्री हरिमंदिर साहिब के श्रद्धालुओं को ‘निशाना’

Edited By swetha,Updated: 07 May, 2019 02:13 PM

snatching in shri darbar sahib

सचखंड श्री हरिमंदिर साहिब जहां इस पवित्र स्थल पर दुनिया अपने भूल के प्रायश्चित करने और खुशियों की अरदास करने दुनिया से लाखों की गिनती में श्रद्धालु बनकर ‘आस्था’ आती है...

अमृतसर (सफर): सचखंड श्री हरिमंदिर साहिब जहां इस पवित्र स्थल पर दुनिया अपने भूल के प्रायश्चित करने और खुशियों की अरदास करने दुनिया से लाखों की गिनती में श्रद्धालु बनकर ‘आस्था’ आती है, वहीं आने वाली इस ‘आस्था’ की भीड़ को निशाना बनाने वाले ऐसे ‘लक्की’ गिरोह का सरगना अपने साथी के साथ अमृतसर पुलिस के हत्थे चढ़ा है जो ‘केवल’ श्री हरिमंदिर साहिब में आने वाले श्रद्धालुओं का पर्स चोरी किया करता था। खास बात है कि दोनों 2 जिलों से हैं। 

दोनों की दोस्ती श्री हरिमंदिर साहिब में हुई थी। दोनों ने अब तक कितनी चोरियां की हैं, यह तो पूछताछ का विषय है लेकिन पुलिस दोनों आरोपियों को लेकर पुलिस से उनका रिकार्ड जहां मंगवा रही है, वहीं उनके परिवार वालों को भी पूछताछ के लिए बुलाया गया है। एफ.आई.आर. नंबर 55 ई डिवीजन (कोतवाली थाने) में ‘दर्ज’ है, जांच अधिकारी ए.एस.आई. भूपिन्द्र सिंह कहते हैं कि ‘अपराध’ रोकना पुलिस का ‘फर्ज’ है। जांच चल रही है, लंबी चलेगी।   मामला कुछ यूं है। तरनातरन जिले के मानोचाहल गांव के रहने वाले शेर सिंह श्री हरिमंदिर साहिब में अरदास करने आए थे। श्री हरिमंदिर साहिब के मुख्य द्वार से प्रवेश करते ही उनके इधर-उधर 2 युवक हाथ जोड़े आगे बढ़ रहे थे। श्रद्धालुओं की गिनती ‘अपार’ थी तभी उन्होंने महसूस किया कि जेब ‘पार’ हो गई है। शेर सिंह ने मुड़कर देखा तो दोनों युवक भाग रहे थे। शेर सिंह ने पीछा किया और दबोच लिया। पुलिस मौके पर आई और गिरफ्तार कर लिया। 

पुलिस ने दोनों आरोपियों की सबसे पहले तलाशी ली। तलाशी के दौरान शेर सिंह का पर्स मिला। पर्स में 480 रुपए समेत जरूरी दस्तावेज सुरक्षित थे। पुलिस ने दोनों से जब उनकी ‘कुंडली’ निकाली तो ऐसी कहानी निकली जो आप भी पढ़कर हैरान हो जाएंगे। दोनों ने कैसे ‘लक्की गैंग’ बना ली और यह ‘लक्की गैंग’ श्रद्धालुओं के लिए ‘अनलकी’ बन गई। इसकी ‘स्क्रिप्ट’ पुलिस जांच कर लिख रही है।  लखबीर सिंह उर्फ लक्की (23), थाना नवांशहर जिला ए.बी.एस. नगर और बलदेव सिंह उर्फ देसा (28) मुरब्बे वाले गली तरनतारन रोड अमृतसर के रहने वाला है। दोनों बेरोजगार हैं। दोनों की मुलाकात श्री हरिमंदिर साहिब में हुई। दोनों के सुर मिले तो दोनों ने पर्स चुराने को ‘धंधा’ बना लिया। कब से इस धंधे में हैं यह पुलिस पता कर रही है।  

शिक्षा में ‘अनपढ़’, चोरी में ‘पीचएच.डी.’
श्री हरिमंदिर साहिब में पर्स चुराने वाले लक्की व देसा दोनों भले ही शिक्षा में अनपढ़ हैं लेकिन चोरी में ‘पीएच.डी.’ हैं। दोनों कब से श्री हरिमंदिर साहिब में आने वाले श्रद्धालुओं के पर्स चोरी करते थे और इस नैटवर्क में उनके साथियों का पता क्या है, यह पूछताछ पुलिस कर रही है। दोनों दोस्तों की हाथ की उंगलियों का ‘कमाल’ इतना है कि आप जब तक समझ सकेंगे तब तक शायद देर हो जाए। 

श्रद्धालुओं लाऊड स्पीकर से किया जाता है ‘सावधान’ : ए.डी.सी.पी. वन 
‘पंजाब केसरी’ संवाददाता ने ए.डी.सी.पी. वन जगजीत सिंह वालिया से बात की तो उन्होंने कहा कि श्री हरिमंदिर साहिब आने वाले श्रद्धालुओं को पुलिस लाऊड स्पीकर से ‘सावधान’ कर रही है। आवाम सचेत कब होगी। श्री हरिमंदिर साहिब के आसपास पुलिस ने ‘सुरक्षा चक्रव्यूह’ बनाया है। पूरा शहर सुरक्षा के घेरे में है। सी.सी.टी.वी. से भी ‘नजर’ है। हर थाने, हर चौक की पुलिस कमिश्रर एस.एस. श्रीवास्तव से लेकर आला अधिकारियों को हर ‘खबर’ है। खबरदार जनता भी रहे, यही अपील है’। 

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