Punjab: जंग का असर दिखना शुरू! होटल, ढाबे और छोटे कारोबार चलाने वाले बुरी तरह से प्रभावित

Edited By Kalash,Updated: 05 Apr, 2026 04:45 PM

war impact on dhaba and small business

खाड़ी देशों में चल रहे युद्ध का असर अब जालंधर में साफ तौर पर दिखाई देने लगा है।

जालंधर (धवन): खाड़ी देशों में चल रहे युद्ध का असर अब जालंधर में साफ तौर पर दिखाई देने लगा है। शहर और ग्रामीण इलाकों में कमर्शियल और घरेलू गैस सिलेंडरों की सप्लाई बुरी तरह प्रभावित हो गई है, जिससे उपभोक्ताओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। फैक्ट्रियों में काम करने वाले मजदूर वर्ग की स्थिति सबसे ज्यादा प्रभावित हो रही क्योंकि उन्हें गैस सिलेंडरों मिल ही नहीं रहा।

घरेलू उपभोक्ताओं का कहना है कि ऑनलाइन बुकिंग सिस्टम पूरी तरह फेल हो गया है। सिलेंडरों बुक कराने के बावजूद कई दिनों तक डिलीवरी नहीं हो रही है। जिन परिवारों के पास केवल एक ही सिलेंडरों है, वे सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं, क्योंकि गैस खत्म होने के बाद उन्हें कई दिनों तक इंतजार करना पड़ रहा है। कमर्शियल गैस उपभोक्ताओं ने भी स्थिति को गंभीर बताया है। होटल, ढाबे और छोटे व्यवसाय चलाने वाले लोगों का कहना है कि गैस की कमी के कारण उनका कामकाज प्रभावित हो रहा है। कई जगहों पर कमर्शियल सिलेंडर ब्लैक में ऊंचे दामों पर बेचे जा रहे हैं, जिससे आर्थिक बोझ और बढ़ गया है।

उपभोक्ताओं ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि प्रशासन इस समस्या को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठा पा रहा है। लोगों ने मांग की है कि जिला प्रशासन तुरंत शहर और ग्रामीण क्षेत्रों की गैस एजेंसियों की बैठक बुलाए और उन्हें नियमित सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए सख्त निर्देश जारी करें। लोगों का यह भी कहना है कि खाड़ी देशों में जारी युद्ध लंबा खिंच सकता है, जिससे गैस सप्लाई में जल्द सुधार की उम्मीद कम नजर आ रही है। ऐसे में प्रशासन को वैकल्पिक व्यवस्था करने और उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए ठोस रणनीति बनानी चाहिए, ताकि आम जनता को राहत मिल सके।

इसके अलावा, कई उपभोक्ताओं ने यह भी शिकायत की है कि गैस एजेंसियों के फोन नंबर या तो लगातार व्यस्त रहते हैं या कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया जाता। उपभोक्ताओं को अपनी समस्या के समाधान के लिए एजेंसियों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं, जिससे समय और मेहनत दोनों की बर्बादी हो रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति और भी गंभीर बताई जा रही है, जहां सप्लाई और ज्यादा प्रभावित है। स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने सरकार से अपील की है कि इस संकट को गंभीरता से लेते हुए गैस की सप्लाई को प्राथमिकता के आधार पर बहाल किया जाए। उन्होंने सुझाव दिया है कि जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त स्टॉक की व्यवस्था की जाए और कालाबाजारी पर सख्ती से रोक लगाई जाए, ताकि आम जनता को राहत मिल सके और आवश्यक सेवाएं सुचारू रूप से चल सकें।

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