टार्गेट किलिंग नाकाम, गैंगस्टर अर्श डल्ला के इशारों पर रची गई बड़ी साजिश बेनकाब

Edited By Subhash Kapoor,Updated: 07 Jan, 2026 11:05 PM

the plot for targeted killings has been exposed

जिला अदालत के समीप टार्गेट किलिंग की बड़ी साजिश को समय रहते नाकाम करते हुए पकड़े गए तीन गैंगस्टरों के दो अन्य साथियों को भी अब इस मामले में नामजद किया जाएगा। दो दिन के पुलिस रिमांड के दौरान आरोपियों ने कई अहम खुलासे किए हैं, हालांकि जांच के...

बठिंडा (विजय वर्मा)। जिला अदालत के समीप टार्गेट किलिंग की बड़ी साजिश को समय रहते नाकाम करते हुए पकड़े गए तीन गैंगस्टरों के दो अन्य साथियों को भी अब इस मामले में नामजद किया जाएगा। दो दिन के पुलिस रिमांड के दौरान आरोपियों ने कई अहम खुलासे किए हैं, हालांकि जांच के मद्देनज़र पुलिस अधिकारी फिलहाल विस्तृत जानकारी सांझा करने से बच रहे हैं। 

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कुलदीप सिंह, गुरविंदर सिंह और गगनदीप सिंह के रूप में हुई है। दो दिन पहले काउंटर इंटेलिजेंस की टीम ने थाना थर्मल एरिया में नाकाबंदी के दौरान बिना नंबर की कार को रोककर उसमें सवार तीनों युवकों की तलाशी ली थी। तलाशी के दौरान उनके कब्जे से चार विदेशी पिस्टल और 26 जिंदा कारतूस बरामद किए गए थे। इसके बाद थाना थर्मल पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उन्हें अदालत में पेश किया, जहां से पुलिस को दो दिन का रिमांड हासिल हुआ। 

पुलिस से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, रिमांड के दौरान आरोपियों ने खुलासा किया कि वे कनाडा में बैठे कुख्यात गैंगस्टर अर्श डल्ला के इशारों पर इस वारदात को अंजाम देने आए थे। आरोपियों का निशाना जिले के एक गांव से संबंध रखने वाला विरोधी गैंगस्टर था, जिसे अदालत में पेशी के दौरान गोलियों का निशाना बनाया जाना था। इसी सिलसिले में आरोपियों ने अपने दो अन्य साथियों के नाम भी पुलिस को बताए हैं, जिनके आधार पर अब पुलिस उन्हें भी इस केस में नामजद करने की तैयारी कर रही है। सूत्रों का कहना है कि आरोपियों ने पुलिस को बताया कि चारों विदेशी पिस्टल उन्हें व्हाट्सएप कॉल के जरिए मुहैया करवाई गई थीं। कॉल करने वाले व्यक्ति ने अपना नाम और पता नहीं बताया और केवल यह जानकारी दी कि हथियार किस स्थान पर रखे गए हैं। उसी बताए गए स्थान से आरोपियों ने हथियार उठाए और वारदात की तैयारी शुरू की। पुलिस मान रही है कि यह पूरी साजिश एक बड़े और संगठित नेटवर्क के तहत रची गई थी। 

पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों ने जिला अदालत के आसपास कई बार रेकी की थी और वे लगातार अपने टारगेट के अदालत आने का इंतजार कर रहे थे। योजना के अनुसार अदालत परिसर के समीप ही टारगेट किलिंग को अंजाम देना था, लेकिन इससे पहले ही पुलिस ने उन्हें दबोच लिया। पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने मंगलवार को इस मामले को लेकर मीडिया के लिए जारी बयान में बताया कि इस साजिश को अंजाम देने के लिए आरोपी कुलदीप सिंह विशेष तौर पर कनाडा से भारत आया था। इससे साफ होता है कि इस मामले के तार अंतरराष्ट्रीय गैंगस्टर नेटवर्क से जुड़े हुए हैं। सूत्रों के अनुसार, पकड़े गए तीनों आरोपियों ने रिमांड के दौरान जिन दो अन्य साथियों के बारे में खुलासा किया है, वे जानकारी मिलते ही भूमिगत हो गए हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की अलग-अलग टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं और आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

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