श्री अकाल तख्त साहिब का स्थापना दिवस, जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने की नौजवानों को अपील

Edited By Urmila,Updated: 02 Jul, 2022 12:33 PM

the foundation day of shri akal takht sahib

सिख धर्म के सर्वोच्च तख्त श्री अकाल तख्त साहिब का स्थापना दिवस आज बड़ी श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। इस शुभ दिन पर श्री अकाल तख्त साहिब में...

अमृतसर (गुरिंदर सागर): सिख धर्म के सर्वोच्च तख्त श्री अकाल तख्त साहिब का स्थापना दिवस आज बड़ी श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। इस शुभ दिन पर श्री अकाल तख्त साहिब में श्री अखंड पाठ साहिब के भोग डाले गए। इस अवसर पर श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने सिख समुदाय को गुरु साहिबान द्वारा दिखाए गए मार्ग पर चलने का संदेश और साथ ही युवा पीढ़ी को सिख धर्म के सिद्धांतों के साथ एकजुट करने और भ्रूण हत्या को रोकने के लिए आगे आने की अपील की।

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आज से लगभग 400 वर्ष पूर्व मीरी-पीरी के 6वीं पातशाही साहिब श्री गुरु हरगोबिंद जी ने संत सिपाही की सृजना करते हुए श्री अकाल तख्त साहिब की स्थापना की थी और अपने पिता 5वें गुरु अर्जन देव जी की शहीदी के बाद समय की जरूरत को समझते हुए सिखों को सशस्त्र भी धारन करने के लिए आदेश दिए थे ताकि सच और हक की लड़ाई लड़ी जा सके। साथ ही उन्होंने संगत को धर्म की स्थापना के लिए सैनिक का बाना पहनने का भी आदेश दिया। 

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6वीं पातशाही ने इस तख्त की स्थापना श्री हरमंदिर साहिब के बिल्कुल सामने स्थापित करने का केवल धर्म और राजनीति को इकट्ठा किया ब्लकि उस समय के मुगल सम्राट के आदेशों की अवहेलना करते हुए एक अलग तख्त की स्थापना कर सिख धर्म को एक अलग पहचान दी। उस दिन से लेकर आज तक इस तख्त साहिब से ही सिख धर्म से जुड़े हर मसले को हल किया जाता है और साथ ही समुदाय की चढ़दी कला के लिए आदेश और संदेश दिए जाते हैं। चाहे सिख धर्म के चार अन्य तख्त हैं परंतु सब से सर्वोच्च तख्त साहिब की आज के ही दिन पातशाही 6वीं ने स्थापना की थी। इस दिवस को पूरा सिख जगत बड़ी श्रद्धा व सत्कार से मनाता है।

इस दिन को समर्पित आज श्री अकाल तख्त साहिब के धार्मिक दीवान सजाए गए। श्री अखंड पाठ साहिब के भोग के बाद रागी सिंहों द्वारा गुरबाणी का प्रचार किया गया। समारोह के दौरान श्री दरबार साहिब के ग्रंथी सिंह और कमेटी के वरिष्ठ अधिकारियों के अलावा बड़ी संख्या में संगत मौजूद रहीं। अरदास के बाद समुदाय ने अपने संदेश में यह  कहा कि समुदाय ने हमेशा चुनौतियों का सामना किया है और श्री अकाल तख्त साहिब ने समय-समय पर देश और समाज पर आने वाली हर आपदा से निपटने के आदेश जारी किए हैं इसलिए 6वीं पातशाही साहिब श्री गुरु हरगोबिंद साहिब ने इस तख्त की स्थापना की। 

उन्होंने लोगों से पंथ विरोधी ताकतों से सावधान रहने और गुरु के बताए रास्ते पर चलने की अपील की। इस अवसर पर श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने सिख समुदाय को गुरुओं द्वारा दिखाए गए मार्ग पर चलने का संदेश दिया और साथ ही युवा पीढ़ी से सिख धर्म के सिद्धांतों के साथ जुड़ने और भ्रूण हत्या को रोकने के लिए अपील की।  उन्होंने बोलते हुए कहा कि युवाओं को श्री अकाल तख्त साहिब की जानकारी के लिए किताबें पढ़नी चाहिए ताकि वे श्री अकाल तख्त साहिब से जुड़ सकें।

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