Edited By Subhash Kapoor,Updated: 15 Feb, 2026 05:46 PM

पंजाब की राजनीति में उस समय बड़ी हलचल देखने को मिली, जब भाजपा के राज्य उपाध्यक्ष अरविंद खन्ना अकाली दल में शामिल हो गए। अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर बादल संगरूर में अरविंद खन्ना के घर पहुंचे, जहाँ उन्होंने अरविंद खन्ना को पार्टी में शामिल कराया।
संगरूर/चंडीगढ़: पंजाब की राजनीति में उस समय बड़ी हलचल देखने को मिली, जब भाजपा के उपप्रधान अरविंद खन्ना अकाली दल में शामिल हो गए। अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर बादल संगरूर में अरविंद खन्ना के घर पहुंचे, जहाँ उन्होंने अरविंद खन्ना को पार्टी में शामिल कराया। सुखबीर बादल ने अरविंद खन्ना और उनके साथियों का स्वागत करते हुए सिरोपा पहनाया और अकाली दल में उन्हें सम्मान देने की बात कही। उल्लेखनीय है कि अरविंद खन्ना और सुखबीर बादल पुराने दोस्त हैं।
अरविंद खन्ना को पार्टी में शामिल कराने के लिए सुखबीर बादल व्यक्तिगत रूप से धूरी आए थे। अरविंद खन्ना पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के करीबी सहयोगी रहे हैं। वह एक प्रमुख उद्योगपति के रूप में जाने जाते हैं। वह पहली बार 2002 में कांग्रेस की टिकट पर संगरूर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव जीतकर विधायक बने थे।
अरविंद खन्ना 2004 के लोकसभा चुनाव में पार्टी के उम्मीदवार थे, लेकिन सुखदेव सिंह ढींढसा से हार गए। इसके बाद उन्होंने 2012 में धूरी क्षेत्र से चुनाव लड़ा और भारी जीत हासिल की, जिसने उन्हें एक बड़े नेता के रूप में स्थापित किया। फिलहाल इस मामले में भाजपा की ओर से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन राज्य की राजनीति में इस घटना को अहम माना जा रहा है। आने वाले समय में यह राजनीतिक पलटवार चर्चा का केंद्र बन सकता है।