Edited By Urmila,Updated: 13 Feb, 2026 04:41 PM
गांव ढिलवां में भारी बारिश और बाढ़ की वजह से एक दो मंजिला मकान ताश के पत्तों की तरह ढह गया। यह मकान गांव की नत्था पत्ती में रहने वाले सरकारी टीचर बलबीर सिंह के बेटे पूरन सिंह का था।
तपा मंडी (शाम, गर्ग) : गांव ढिलवां में भारी बारिश और बाढ़ की वजह से एक दो मंजिला मकान ताश के पत्तों की तरह ढह गया। यह मकान गांव की नत्था पत्ती में रहने वाले सरकारी टीचर बलबीर सिंह के बेटे पूरन सिंह का था। गनीमत रही कि हादसे के समय परिवार घर पर मौजूद नहीं था, जिससे बड़ा जानी नुकसान टल गया।
जानकारी के मुताबिक, पूरन सिंह ने 2018 में HDFC बैंक से 49 लाख रुपये का लोन लेकर और अपनी पूरी जिंदगी की जमा पूंजी लगाकर अपना दो मंजिला मकान बनवाया था। पिछले दिनों लगातार भारी बारिश और बाढ़ की वजह से मकान की नींव में पानी भर गया था। नींव कमजोर होने की वजह से बिल्डिंग में दरारें आने लगीं और आखिरकार 8 फरवरी की रात करीब 8 बजे पूरी बिल्डिंग ढह गई और मलबे में तब्दील हो गई। घटना से करीब दो घंटे पहले पूरन सिंह अपने परिवार के साथ रिश्तेदारों से मिलने गए थे, जिसकी वजह से वह और उनके परिवार के लोग सुरक्षित रहे।
पूरन सिंह 2002 से सरकारी प्राइमरी स्कूल में टीचर के तौर पर काम कर रहे हैं और अभी सरकारी प्राइमरी स्कूल, भगतपुरा मोड़ में हेड टीचर के तौर पर तैनात हैं। उनके परिवार में एक 25 साल का बेटा और एक 23 साल की बेटी है। वह अपनी बेटी की शादी की तैयारी कर रहे थे, लेकिन अचानक आई इस मुसीबत ने परिवार को गंभीर आर्थिक संकट में डाल दिया है।
कोठी गिरने से न सिर्फ बिल्डिंग बल्कि अंदर रखा सारा फर्नीचर, घर का सामान और ज़रूरी डॉक्यूमेंट भी मलबे में दबकर खत्म हो गए। पूरन सिंह के मुताबिक, कुल नुकसान करीब एक करोड़ रुपये का है। एक तरफ 49 लाख रुपये का बैंक लोन बकाया है और दूसरी तरफ उनके पास रहने के लिए अपना घर भी नहीं है।
इस मौके पर गांव के सरपंच कुलविंदर सिंह किंदी, पूर्व चेयरमैन रणजीत सिंह, चेयरमैन अमृतपाल सिंह, पंच सतवंत सिंह, पंच तेजा सिंह, सरपंच मलकीत सिंह मोड़ नाभा, सरपंच जसविंदर सिंह काकनी, पूर्व सरपंच जोगिंदर सिंह बराड़, पंच जगसीर सिंह, पंच सुखविंदर सिंह, जगसीर सिंह, नवतेज सिंह, जगराज सिंह, गुरइकबाल सिंह, नरिंदर शर्मा, किसान नेता गोरा सिंह, पंच भूपिंदर सिंह काला, गुरमीत सिंह, बलतेज सिंह, हरजिंदर सिंह ढिल्लों, हरजोत सिंह, बलवंत सिंह, जसनदीप सिंह, अमन सिंह सिद्धू, दलजीत सिंह, बलविंदर सिंह, बिंदर सिंह ढिल्लों, राजदीप सिंह ढिल्लों और कुलदीप सिंह सिद्धू समेत बड़ी संख्या में गांव के लोग मौके पर पहुंचे और परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं।
गांव की पंचायत, किसान संगठनों और समाजसेवी संगठनों ने पंजाब सरकार और जिला प्रशासन से मांग की है कि पीड़ित टीचर को तुरंत आर्थिक मदद दी जाए और बैंक लोन माफ करने पर भी विचार किया जाए। इस बारे में जिला प्रशासन को लिखित अर्जी दी गई है, लेकिन खबर लिखे जाने तक किसी भी अधिकारी ने मामले पर ध्यान नहीं दिया है।
पूरन सिंह ने दुखी मन से कहा कि उन्होंने अपनी पूरी जिंदगी की कमाई और मेहनत से यह घर बनाया था, लेकिन कुदरती आफत ने एक पल में सब कुछ तबाह कर दिया। अब उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती घर को फिर से बनाना और अपने बच्चों के भविष्य की चिंता है। गांव वालों ने सरकार और विदेश में रहने वाले NRI भाइयों से भी अपील की है कि वे इस पीड़ित परिवार की मदद के लिए आगे आएं।
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