मोगा में ध्वनि प्रदूषण को लेकर प्रशासन सख्त, 28 फरवरी तक लागू रहेंगे आदेश

Edited By Urmila,Updated: 03 Jan, 2026 03:21 PM

the administration is taking strict action against noise pollution in moga

जिला मजिस्ट्रेट-सह-डिप्टी कमिश्नर मोगा सागर सेतिया ने भारतीय नागरिक सुरक्षा अधिनियम, 2023 की धारा 163 के तहत शक्तियों का उपयोग करते हुए मोगा में लाउड स्पीकर, ऑर्केस्ट्रा और अन्य शोर पैदा करने वाले उपकरणों के उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया है।

मोगा (बिन्दा) : जिला मजिस्ट्रेट-सह-डिप्टी कमिश्नर मोगा सागर सेतिया ने भारतीय नागरिक सुरक्षा अधिनियम, 2023 की धारा 163 के तहत शक्तियों का उपयोग करते हुए मोगा में लाउड स्पीकर, ऑर्केस्ट्रा और अन्य शोर पैदा करने वाले उपकरणों के उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया है। इन निषेध आदेशों के बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति ध्वनि प्रदूषण में प्रावधानों के अनुसार सक्षम प्राधिकारी की लिखित अनुमति के बिना ध्वनि प्रदूषण पैदा करने वाले किसी भी उपकरण या सामग्री का उपयोग नहीं करेगा, जिसकी ध्वनि उसकी सीमा के बाहर सुनाई देती है। (विनियमन एवं नियंत्रण) नियम-2000. लेकिन यह आदेश सरकारी प्रयोजनों के लिए उपयोग किये जाने वाले लाउडस्पीकरों पर लागू नहीं होंगे। 

रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक आर्केस्ट्रा बैंड, डीजे और लाउड स्पीकर/एम्प्लीफायर/ड्रम, ड्रम और किसी भी अन्य शोर पैदा करने वाले उपकरण (सार्वजनिक हित की आपातकालीन स्थिति को छोड़कर) बजाना सख्त वर्जित होगा। प्रात: 6 बजे से रात्रि 10 बजे तक यदि कोई लाउड स्पीकर चलाना चाहता है तो संबंधित उपखण्ड मजिस्ट्रेट की अनुमति के बाद ही चलाया जा सकेगा।  यह आदेश सभी संस्थानों पर लागू होंगे। रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक आवाज करने वाले पटाखे फोड़ना सख्त वर्जित है। यह प्रतिबंध सिर्फ रंग पैदा करने वाले पटाखों पर लागू नहीं होंगे। 

प्रेशर हॉर्न/हूटर बजाना और ऐसे अन्य हॉर्न बजाना जो अत्यधिक शोर (निर्धारित सीमा से अधिक) उत्पन्न करते हों, सख्ती से प्रतिबंधित होंगे। मैरिज पैलेसों में लाउड स्पीकर की आवाज मैरिज पैलेस से बाहर नहीं जानी चाहिए। उल्लंघन होने पर संबंधित आर्केस्ट्रा, डी.जे. और मैरिज पैलेस आदि सभी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उपायुक्त ने कहा कि लाउडस्पीकर के कारण बुजुर्ग व बीमार व्यक्तियों तथा पढ़ने वाले विद्यार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। ये आदेश ध्वनि प्रदूषण और प्रदूषण के परिणामस्वरूप आम जनता और बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभाव के अलावा लाउड स्पीकर के अनधिकृत संचालन से उत्पन्न होने वाली संभावित कानूनी व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए जारी किए गए हैं। ये आदेश 28 फरवरी 2026 तक लागू रहेंगे।

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