Edited By VANSH Sharma,Updated: 22 Mar, 2026 10:38 PM

बाघापुराना ब्लॉक समिति के चेयरमैन और वाइस चेयरमैन के चुनाव को लेकर चल रहा विवाद अब और गहरा हो गया है।
बाघापुराना (अजे): बाघापुराना ब्लॉक समिति के चेयरमैन और वाइस चेयरमैन के चुनाव को लेकर चल रहा विवाद अब और गहरा हो गया है। नई चिट्ठी सामने आने से मामला सिर्फ प्रशासनिक ही नहीं, बल्कि राजनीतिक तौर पर भी काफी गरमा गया है। सूत्रों के अनुसार बाघापुराना के एसडीएम बबनदीप सिंह वालिया द्वारा 17 मार्च को डिप्टी कमिश्नर मोगा को भेजी गई पहली चिट्ठी में बताया गया था कि कानून-व्यवस्था की नाजुक स्थिति के कारण चुनाव प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी।
इससे यह स्पष्ट हुआ था कि चेयरमैन और वाइस चेयरमैन का चुनाव अधूरा रह गया था। लेकिन अब मामले ने उस समय नया मोड़ ले लिया जब एसडीएम द्वारा चंडीगढ़ के मुख्य सचिव को आधी रात करीब 3:13 बजे भेजी गई एक और चिट्ठी सामने आई है। रात के समय भेजी गई इस चिट्ठी ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं कि आखिर ऐसी कौन-सी आपात स्थिति बनी, जिसके कारण उच्च अधिकारियों को तुरंत सूचित करना जरूरी समझा गया।
इस मामले को लेकर राजनीतिक पक्ष भी खुलकर मैदान में आ गए हैं। पूर्व कैबिनेट मंत्री बिक्रमजीत सिंह मजीठिया ने सोशल मीडिया पर लाइव होकर डिप्टी कमिश्नर और स्थानीय विधायक पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। इसके साथ ही मोगा में हुई शिरोमणि अकाली दल की ‘पंजाब बचाओ’ रैली के दौरान पार्टी अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने भी सरकार, डिप्टी कमिश्नर और हल्का विधायक को निशाने पर लिया।
उन्होंने कहा कि यह मामला लोकतांत्रिक मर्यादाओं का खुला उल्लंघन है और इसकी पूरी जांच होनी चाहिए। मौजूदा स्थिति में बाघापुराना ब्लॉक समिति चुनाव का मामला अब सिर्फ एक स्थानीय चुनाव नहीं रहा, बल्कि यह प्रशासनिक पारदर्शिता और राजनीतिक दबाव की बड़ी कसौटी बन चुका है। लोग प्रशासन से साफ और आधिकारिक स्पष्टीकरण की उम्मीद कर रहे हैं। यदि जल्द ही प्रशासन द्वारा स्थिति स्पष्ट नहीं की गई तो यह विवाद और भड़क सकता है। आने वाले दिनों में सरकार और प्रशासन द्वारा लिए जाने वाले फैसले इस मामले की दिशा तय करेंगे।


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