विजीलैंस जांच में खुलासा : लुधियाना से लेकर चंडीगढ़ तक जुड़े हुए हैं इंप्रूवमेंट ट्रस्ट में हुए घोटालों के तार

Edited By Vatika,Updated: 03 Aug, 2022 02:06 PM

revealed in the investigation of vigilance

जैसा कि पंजाब केसरी द्वारा पहले ही साफ कर दिया गया था कि करप्शन के मामले में विजीलैंस द्वारा की जा रही कार्रवाई ई ओ कुलजीत कौर के कबूलनामे पर

लुधियाना (हितेश): जैसा कि पंजाब केसरी द्वारा पहले ही साफ कर दिया गया था कि करप्शन के मामले में विजीलैंस द्वारा की जा रही कार्रवाई ई ओ कुलजीत कौर के कबूलनामे पर आधारित है। उस बात पर एफ आई आर की कापी बाहर आने पर मोहर लग गई है। यह खुलासा उस समय हुआ है जब ई ओ व अन्य गिरफ्तार कर्लक कई दिनों तक रिमांड पर रहने के बाद जेल पहुंच चुके है और पूर्व चेयरमैन रमण द्वारा गिरफ्तारी से बचने के लिए लगाई गई जमानत याचिका पर सुनवाई होनी है।

इस मामले में दर्ज नई एफ आई आर के मुताबिक ई ओ ने साफ कर दिया है कि नियमों का उल्लंघन करके एल डी पी प्लाट अलाट करने के लिए किसके कितनी रिश्वत ली गई और उसका हिस्सा किस-किस को मिला। इसी तरह चहेतों को फायदा पहुंचाने के लिए कमॢशयल प्रॉपर्टी की ई ऑक्शन को एस डी ओ अंकित नारंग व चेयरमेन के पीए संदीप शर्मा द्वारा कंट्रोल करने की बात कही गई है। जिस खेल के तार लुधियाना से लेकर चंडीगढ़ के अफसरों तक जुड़े हुए हैं और रिश्वत की रकम का आंकड़ा लाखों में बताया जा रहा है।


विकास कार्यों की आड़ में चल रहे कमिश्न के खेल की खुली पोल
विजीलैंस की जांच में विकास कार्यों की आड़ में चल रहे कमिश्न के खेल की पोल भी खुल गई है। जिसके मुताबिक टेंडर जारी करने व बिल बनाने के लिए एकसियन जगदेव सिंह व बुटा राम द्वारा ठेकेदारों से 4 - 5 फीसदी कमीशन लेकर ऊपर तक हिस्सा दिया जाता था। जबकि पेमेंट रिलीज करने के बदले में ई ओ को भी कमीशन मिलती थी। 

 

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