Edited By Subhash Kapoor,Updated: 07 Jul, 2026 10:54 PM

पंजाब विजिलेंस ने भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत सेवियर रिकवरी एजेंसी, लुधियाना में कार्यरत रिकवरी एजेंट रवनीत सिंह को 10,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। यह जानकारी देते हुए राज्य विजिलेंस ब्यूरो के प्रवक्ता...
लुधियाना : पंजाब विजिलेंस ने भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत सेवियर रिकवरी एजेंसी, लुधियाना में कार्यरत रिकवरी एजेंट रवनीत सिंह को 10,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। यह जानकारी देते हुए राज्य विजिलेंस ब्यूरो के प्रवक्ता ने बताया कि उक्त आरोपी को कबीर नगर, बस्ती जोधेवाल, लुधियाना निवासी एक व्यक्ति की शिकायत के आधार पर गिरफ्तार किया गया है।
प्रवक्ता ने बताया कि शिकायतकर्ता वर्ष 2007 से अपने मकान की पहली मंजिल पर "जी.एन.डब्ल्यू." नाम से कपड़ा फैक्ट्री चला रहा है। उसने अपनी फैक्ट्री के लिए आईडीबीआई बैंक से 40 लाख रुपये की कैश क्रेडिट (सीसी) लिमिट/ऋण लिया था। ऋण का भुगतान न होने के कारण यह मामला फिलहाल चंडीगढ़ स्थित ऋण वसूली न्यायाधिकरण (Debt Recovery Tribunal) में विचाराधीन है।
शिकायत के अनुसार, 25 मई 2026 को रवनीत सिंह ने शिकायतकर्ता से संपर्क किया और खुद को तहसील पूर्वी, लुधियाना का कर्मचारी बताते हुए तहसील पूर्वी प्राधिकरण के हस्ताक्षर वाला एक नोटिस सौंपा। उसने शिकायतकर्ता से कहा कि आईडीबीआई बैंक 28 मई 2026 को उसकी संपत्ति पर कब्जा करने वाला है। आरोप है कि रवनीत सिंह ने संपत्ति पर कब्जा करने की कार्रवाई में देरी करवाने और ऋण के निपटारे के लिए तीन महीने का अतिरिक्त समय दिलाने के बदले 60,000 रुपये रिश्वत की मांग की।
प्रवक्ता ने आगे बताया कि आरोपी पहले ही कथित तौर पर अन्य अधिकारियों के नाम पर 20,000 रुपये की पहली किस्त ले चुका था। इसके बाद वह 10,000 रुपये की दूसरी किस्त की मांग कर रहा था। शिकायतकर्ता ने आरोपी द्वारा रिश्वत मांगने की बातचीत रिकॉर्ड कर ली।
रिश्वत देने से इनकार करते हुए शिकायतकर्ता ने विजिलेंस ब्यूरो रेंज लुधियाना से संपर्क किया। शिकायत की जांच के बाद विजिलेंस टीम ने जाल बिछाकर दो सरकारी गवाहों की मौजूदगी में आरोपी रवनीत सिंह को शिकायतकर्ता से 10,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि आरोपी तहसील पूर्वी, लुधियाना का कर्मचारी नहीं है, बल्कि वह सेवियर रिकवरी एजेंसी, लुधियाना में रिकवरी एजेंट के तौर पर कार्यरत है। यदि जांच के दौरान आईडीबीआई बैंक या तहसील पूर्वी के किसी अधिकारी या कर्मचारी की संलिप्तता सामने आती है, तो उनके खिलाफ भी कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में विजिलेंस ब्यूरो थाना, लुधियाना में आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। मामले की आगे की जांच जारी है।