राजा वड़िंग का बिट्टू से सवाल, अगर भगवंत मान आईएसआई एजेंट तो कार्रवाई क्यों नहीं करते?

Edited By Subhash Kapoor,Updated: 20 May, 2026 07:11 PM

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पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष व सांसद अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने केंद्रीय रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू से पूछा है कि यदि मुख्यमंत्री भगवंत मान सचमुच ISI के एजेंट हैं, तो उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की जाती। बिट्टू द्वारा मान को आईएसआई एजेंट...

लुधियाना/चंडीगढ़  (रिंकू):  पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष व सांसद अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने केंद्रीय रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू से पूछा है कि यदि मुख्यमंत्री भगवंत मान सचमुच ISI के एजेंट हैं, तो उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की जाती। बिट्टू द्वारा मान को आईएसआई एजेंट बताए जाने वाले बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए वड़िंग ने कहा कि वह (बिट्टू) खुद केंद्र सरकार का हिस्सा हैं, यदि आपके पास मान के आईएसआई एजैंट होने संबंधी कोई जानकारी है, तो आप केंद्रीय गृह मंत्री से जांच कराने की मांग क्यों नहीं करते? अन्यथा पंजाब के मुख्यमंत्री के साथ यह “दोस्ताना मैच” खेलना बंद करें। उन्होंने दोहराया कि भाजपा और आम आदमी पार्टी के बीच कोई गुप्त समझौता है और दोनों पार्टियां एक-दूसरे पर “फ्रेंडली फायर” कर रही हैं, ताकि चर्चा में बनी रहें और उन गंभीर मुद्दों से लोगों का ध्यान भटकाया जा सके, जिनके लिए दोनों सरकारें जिम्मेदार हैं। उन्होंने कहा कि इससे पहले मान ने पंजाब में हुए बम धमाकों में भाजपा की संलिप्तता के आरोप लगाए थे और अब बिट्टू मान को आईएसआई एजेंट बता रहे है। उस समय भी कांग्रेस ने मान से पूछा था कि यदि उनके पास राज्य में बम धमाकों में भाजपा की भूमिका की जानकारी थी, तो कार्रवाई क्यों नहीं की गई, लेकिन कुछ नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि इससे लोगों में यह धारणा और मजबूत हुई है कि आप और भाजपा नेता आपस में दोस्ताना मैच खेल रहे हैं। 

वड़िंग ने कहा कि पहले मान द्वारा भाजपा पर बम धमाकों में शामिल होने के आरोप लगाना और अब बिट्टू द्वारा मान को आईएसआई एजेंट कहना, यह सब एक सोची-समझी रणनीति के तहत लोगों का ध्यान केंद्र और राज्य सरकारों की नाकामियों से हटाने के लिए किया जा रहा है, जिनका नेतृत्व क्रमशः भाजपा और आम आदमी पार्टी कर रही हैं। उन्होंने टिप्पणी की कि दोनों पार्टियां एक-दूसरे की नाकामियों पर जनता की जांच और आलोचना से बचने के लिए आपसी तौर पर एक-दूसरे को कवर देने की कोशिश कर रही हैं, जबकि आप और भाजपा के नेता बिना किसी आगे की कार्रवाई के एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं।

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