Edited By Subhash Kapoor,Updated: 16 May, 2026 07:46 PM

तेल की बढ़ी हुई कीमतों का पंजाब के लोगों पर कोई अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े, इसके लिए जिस प्रकार 27 मार्च 2026 को केंद्र की भाजपा सरकार द्वारा 10 रुपये प्रति लीटर टैक्स घटाकर तेल की बढ़ी कीमतों का बोझ अपने सिर लिया था, उसी प्रकार पंजाब के मुख्यमंत्री...
जालंधर : तेल की बढ़ी हुई कीमतों का पंजाब के लोगों पर कोई अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े, इसके लिए जिस प्रकार 27 मार्च 2026 को केंद्र की भाजपा सरकार द्वारा 10 रुपये प्रति लीटर टैक्स घटाकर तेल की बढ़ी कीमतों का बोझ अपने सिर लिया था, उसी प्रकार पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को भी पेट्रोल और डीजल पर बढ़े 3 रुपये प्रति लीटर के बोझ को राज्य करों में कटौती करके अपने सिर लेना चाहिए, ताकि बुवाई के इस महत्वपूर्ण समय के दौरान किसानों सहित आम लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े। यह बात पंजाब भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश महासचिव अनिल सरीन ने पार्टी के प्रदेश मीडिया प्रमुख विनीत जोशी की मौजूदगी में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कही।
सरीन ने कहा कि रूस-यूक्रेन युद्ध और अन्य अंतरराष्ट्रीय कारणों के बावजूद केंद्र की भाजपा सरकार द्वारा अप्रैल 2022 से 14 मई 2026 तक लगभग सवा चार वर्ष तक पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई वृद्धि नहीं की गई। उन्होंने कहा कि दूसरी ओर मार्च 2022 के बाद पंजाब की तथाकथित आम आदमी पार्टी सरकार द्वारा पेट्रोल और डीजल पर राज्य कर बढ़ाकर आम जनता पर लगभग 3 रुपये प्रति लीटर का अतिरिक्त बोझ डाला गया है।
सरीन ने कहा कि मौजूदा युद्ध जैसे हालातों के कारण जहां कच्चे तेल की कीमत 70 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर 120 से 130 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई है, वहीं अमेरिका में तेल की कीमतों में लगभग 50 प्रतिशत, यूरोप में 20 प्रतिशत, पाकिस्तान में 60 प्रतिशत और बांग्लादेश में 16 प्रतिशत तक वृद्धि की गई है। इसके विपरीत भारत में केवल 3 प्रतिशत की ही वृद्धि की गई है। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान से मांग की कि केंद्र सरकार की तर्ज पर पंजाब सरकार भी अपने करों में कटौती करके इस 3 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि का बोझ अपने सिर ले और आम जनता को राहत प्रदान करे।