Edited By Kamini,Updated: 19 Aug, 2026 02:07 PM

पंजाब बंद को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। दरअसल, 21 अगस्त को पंजाब बंद करने का ऐलान किया गया है।
पंजाब डेस्क : पंजाब बंद को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। दरअसल, 21 अगस्त को पंजाब बंद करने का ऐलान किया गया है। मिली जानकारी के मुताबिक, कौमी इंसाफ मोर्चा के नेताओं ने 21 अगस्त को पंजाब बंद का ऐलान किया है। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में सजा पूरी कर चुके सिख बंदियों की रिहाई शामिल है। इसके अलावा मोर्चा नेताओं ने पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या के मामले में दोषी जगतार सिंह हवारा को पैरोल देने की भी मांग उठाई है। किसान व कर्मचारी संगठनों के साथ-साथ कई शिक्षक संघों और स्थानीय निकायों ने भी इस बंद को समर्थन दिया है।
शिक्षकों ने किया बंद का समर्थन:
जानकारी के मुताबिक, 21 अगस्त को पंजाब बंद को लेकर शिक्षकों ने भी समर्थन किया है। पंजाब बंद के समर्थन में संयुक्त शिक्षक जत्थेबंदियों ने भी संघर्ष का ऐलान किया है। शिक्षकों ने डीईओ को पत्र लिखकर पंजाब बंद का समर्थन करने की बात कही है।
SGPC ने किया समर्थन :
शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने कौमी इंसाफ मोर्चा के 21 अगस्त को पंजाब बंद के आह्वान का समर्थन करते हुए SGPC की आंतरिक कमेटी की मीटिंग पहले से तय 21 अगस्त की जगह 22 अगस्त को करने का फैसला किया है। SGPC अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने कहा कि SGPC की आंतरिक कमेटी की मीटिंग 21 अगस्त को हुई थी, जो अब 22 अगस्त को सुबह 11:00 बजे SGPC हेडक्वार्टर में होगी। एडवोकेट धामी ने कहा कि SGPC हमेशा से जेल में बंद सिंहों की रिहाई के लिए कोशिश करती रही है, और इस मकसद के लिए हर संघर्ष का पूरा समर्थन भी करती है। उन्होंने कहा कि जेल में बंद सिंहों की रिहाई के लिए देश की भावनाओं को समझने के बजाय सरकार इस संबंध में संघर्ष कर रहे लोगों की आवाज दबाना चाहती है, जिसका हर इंसाफ पसंद इंसान को विरोध करना चाहिए। उन्होंने कहा कि पंजाब बंद के समर्थन में 21 अगस्त को शिरोमणि कमेटी का ऑफिस और सभी संस्थान भी बंद रहेंगे।
शिरोमणि अकाली दल (पुनर सुरजीत) का समर्थन :
शिरोमणि अकाली दल (पुनर सुरजीत) के अध्यक्ष ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने 21 अगस्त को पंजाब बंद का पूरा समर्थन किया है। चंडीगढ़ बॉर्डर पर कैद सिखों की रिहाई के लिए चल रहे कौमी इंसाफ मोर्चा ने इस बंद का आह्वान किया है। यह आह्वान कैद सिखों की रिहाई और फ्रंट द्वारा 15 अगस्त को किए गए शांतिपूर्ण मार्च के दौरान नेताओं पर किए गए टॉर्चर और केस दर्ज करने के खिलाफ किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार न सिर्फ हमारे सिखों को रिहा करने से मना कर रही है, बल्कि उनकी रिहाई की मांग करने वालों की आवाज को टॉर्चर और कागजों से दबा रही है। इसलिए पंजाब के इंसाफ पसंद लोगों को सरकारों की इस जुल्म का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए 21 अगस्त को पूरा बंद रखने में सहयोग करना चाहिए।
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