Edited By Vatika,Updated: 04 May, 2026 11:03 AM

पंजाब के मालवा क्षेत्र के अहम शहर बरनाला में सियासी माहौल अचानक गरमा गया है।
बरनाला (विवेक सिंधवानी, रवि): पंजाब के मालवा क्षेत्र के अहम शहर बरनाला में सियासी माहौल अचानक गरमा गया है। हालांकि राज्य चुनाव आयोग ने अभी तक नगर निगम चुनावों की तारीखों का औपचारिक ऐलान नहीं किया है, लेकिन शहर की गलियों और चौकों में चुनावी हलचल साफ दिखाई देने लगी है। नगर काउंसिल से अपग्रेड होकर नगर निगम बनने के बाद यह पहला मौका है, जब शहर बड़े स्तर पर अपनी स्थानीय सरकार चुनेगा।
वार्डबंदी से बदले समीकरण
नगर निगम बनने के बाद वार्डों की संख्या और सीमांकन में बड़ा बदलाव हुआ है। अब कुल 50 वार्ड बनाए गए हैं। इस नई वार्डबंदी ने पुराने सियासी समीकरण पूरी तरह बदल दिए हैं। कई दिग्गज पार्षदों का वोट बैंक बिखर गया है, जिससे उन्हें नए सिरे से लोगों से संपर्क बनाना पड़ रहा है।
ड्राफ्ट वोटर सूचियां बनी चुनौती
प्रशासन द्वारा ड्राफ्ट वोटर सूचियां जारी होने के बाद हर घर में वोटों की जांच और सुधार का काम शुरू हो गया है। प्रशासनिक गतिविधियों को देखते हुए संभावना जताई जा रही है कि चुनाव मई महीने में ही हो सकते हैं। इसी के चलते संभावित उम्मीदवारों ने प्रचार तेज कर दिया है। राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, इस बार मुकाबला उम्मीदवारों के साथ-साथ पार्टियों की साख का भी है।
सत्ता बनाम विपक्ष
- सत्ताधारी पक्ष अपनी कार्यप्रणाली के दम पर दोबारा जीत हासिल करने की कोशिश में है।
- विपक्षी दल शहर की सफाई, खराब सड़कों और अधूरे विकास कार्यों को मुद्दा बनाकर जनता का समर्थन जुटाने में लगे हैं।
टिकट को लेकर खींचतान
चुनाव नजदीक आते ही हर वार्ड में टिकट के कई दावेदार सामने आ रहे हैं। पार्टी हाईकमान के लिए मजबूत और साफ छवि वाले उम्मीदवार चुनना बड़ी चुनौती बन गया है। सूत्रों के अनुसार, टिकट बंटवारे को लेकर पार्टियों के भीतर खींचतान बढ़ सकती है, खासकर उन नेताओं में जिनकी सीट वार्डबंदी के कारण प्रभावित हुई है।
‘सेमीफाइनल’ माने जा रहे चुनाव
इन नगर निगम चुनावों को आगामी पंजाब विधानसभा चुनावों का सेमीफाइनल माना जा रहा है। ये चुनाव यह संकेत देंगे कि जनता का रुझान किस दिशा में है। शहरी मतदाता की निर्णायक भूमिका को देखते हुए सभी पार्टियां इसे प्रतिष्ठा की लड़ाई मानकर मैदान में उतरी हैं।
प्रशासनिक तैयारियां तेज
नगर निगम और जिला प्रशासन ने चुनाव को लेकर तैयारियां तेज कर दी हैं। ड्राफ्ट वोटर सूचियों पर आपत्तियां ली जा रही हैं और जल्द ही अंतिम सूचियां जारी होने की उम्मीद है। अनुमान है कि मई के अंत तक चुनाव प्रक्रिया पूरी हो सकती है। इस बार बरनाला के मतदाता भी जागरूक नजर आ रहे हैं। वे उम्मीदवारों से विकास, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे बुनियादी मुद्दों पर जवाब मांग रहे हैं। आने वाले दिनों में शहर की सियासत में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।