पंजाब में मेडिकल वेस्ट का बड़ा रैकेट उजागर, खतरनाक कचरे से बन रहे थे खिलौने

Edited By Vatika,Updated: 18 May, 2026 10:30 AM

ppcb police raids take lid off illegal biomedical waste recycling racket

पंजाब में बायोमेडिकल कचरे की अवैध रीसाइक्लिंग का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है,

पंजाब डेस्कः पंजाब में बायोमेडिकल कचरे की अवैध रीसाइक्लिंग का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने स्वास्थ्य विभाग और प्रदूषण नियंत्रण एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। अस्पतालों और ब्लड बैंकों से निकलने वाले खतरनाक मेडिकल वेस्ट को नष्ट करने की बजाय चोरी-छिपे कबाड़ बाजारों तक पहुंचाया जा रहा था। सबसे हैरानी वाली बात यह है कि इसी कचरे से निकले प्लास्टिक का इस्तेमाल सस्ते खिलौने और मेडिकल उपकरण बनाने में किए जाने की आशंका जताई जा रही है, जो लोगों की सेहत के लिए बड़ा खतरा बन सकता है।

गोदाम से भारी मात्रा में बायोमेडिकल कचरा किया बरामद
जानकारी के मुताबिक पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (PPCB) ने पुलिस के साथ मिलकर शिकायत के आधार पर छापेमारी की। इस दौरान एक गोदाम से भारी मात्रा में बायोमेडिकल कचरा बरामद किया गया। जांच आगे बढ़ी तो टीम देवगढ़ रोड स्थित एक अन्य गोदाम तक भी पहुंच गई। बरामद कचरे पर ट्रीटमेंट प्लांट की सील लगी हुई थी, जिससे साफ हो गया कि कचरे को तय प्रक्रिया के तहत नष्ट करने की बजाय अवैध तरीके से बाहर निकाला जा रहा था। अधिकारियों के अनुसार शुरुआती जांच में एक संगठित नेटवर्क का खुलासा हुआ है। पहले मेडिकल कचरे को गोदामों में इकट्ठा किया जाता था और फिर स्क्रैप डीलरों के जरिए बड़े शहरों के कबाड़ बाजारों में बेच दिया जाता था। छापेमारी के दौरान मौके से खून से सने कॉटन, इस्तेमाल की गई सिरिंज और ब्लड सैंपल वाली बोतलें भी मिलीं, जिससे संक्रमण फैलने का खतरा और बढ़ गया है।

टीम को देखते ही वहां मौजूद दो मजदूर मौके से फरार
पंजाब में अमृतसर, लुधियाना, मुक्तसर, मोहाली, नकोदर और पठानकोट में बायोमेडिकल कचरे के निपटारे के लिए 6 अधिकृत ट्रीटमेंट प्लांट हैं। ये प्लांट रोजाना करीब 20 हजार किलो मेडिकल वेस्ट का निपटारा करते हैं। इसके लिए बारकोड और वाहन ट्रैकिंग सिस्टम भी लागू किया गया है, ताकि कचरे की पूरी निगरानी रखी जा सके। PPCB के पर्यावरण इंजीनियर नवतेश सिंगला ने बताया कि जब्त किए गए कचरे पर मोहाली की एक अधिकृत कंपनी के बारकोड मिले हैं। इससे शक और गहरा गया है कि कचरे को वैध प्रक्रिया से हटाकर अवैध तरीके से बेचा जा रहा था। उन्होंने बताया कि छापेमारी के दौरान पूरा गोदाम मेडिकल वेस्ट से भरा हुआ था और टीम को देखते ही वहां मौजूद दो मजदूर मौके से फरार हो गए।

फिलहाल गोदाम किया गया सील
सूत्रों के मुताबिक जांच के घेरे में मोहाली की एक कंपनी भी है, जो पहले भी बायोमेडिकल कचरे के गलत प्रबंधन के मामले में पकड़ी जा चुकी है। फिलहाल गोदाम को सील कर दिया गया है और बरामद कचरे को लुधियाना की स्क्रैप मैनेजमेंट सुविधा में भेज दिया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला बेहद गंभीर है, क्योंकि बायोमेडिकल कचरे से बने प्लास्टिक का इस्तेमाल सस्ते खिलौनों और मेडिकल सामान में किया जा सकता है। ऐसे अवैध धंधों में डिस्पोजेबल गाउन, मास्क, सिरिंज, ग्लव्स, ऑक्सीजन मास्क, कैथेटर और ग्लूकोज की प्लास्टिक बोतलों जैसी चीजों को दोबारा पैक कर बाजार में बेचने का खतरा बना रहता है।

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!