प्रधानमंत्री पर टिप्पणी को लेकर सियासत गरम, तरुण चुघ का कांग्रेस पर तीखा हमला

Edited By Subhash Kapoor,Updated: 21 Apr, 2026 06:33 PM

politics heats up over remarks on prime minister

देश के प्रधानमंत्री को लेकर दिए गए बयान पर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता Tarun Chugh ने कांग्रेस पर कड़ा हमला बोलते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के लिए “आतंकवादी” जैसे शब्दों का इस्तेमाल करना राजनीतिक मतभेद नहीं, बल्कि...

पंजाब डैस्क :  भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री तरुण चुग ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए ‘आतंकवादी’ जैसे शब्द के इस्तेमाल की कड़ी निंदा करते हुए इसे लोकतांत्रिक मर्यादाओं पर सीधा हमला बताया। चुग ने कहा कि यह सिर्फ एक शब्द नहीं, बल्कि कांग्रेस की गिरती हुई राजनीतिक संस्कृति और सोच को उजागर करता है।

चुग ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के उन चुनिंदा नेताओं में से हैं जिन्हें जनता ने बार-बार भारी बहुमत से चुना है और लगातार तीसरी बार देश की सेवा का अवसर दिया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को गरीबों का मसीहा माना जाता है, जिन्होंने करोड़ों लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया और यह साबित किया कि सही नीयत से गरीबी को दूर किया जा सकता है।

चुग ने जोड़ा कि ऐसे जननेता के लिए ‘आतंकवादी’ जैसे शब्द का प्रयोग करना कांग्रेस नेतृत्व के मानसिक दिवालियापन, हताशा और निराशा को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेताओं ने लोकतांत्रिक मूल्यों और मर्यादाओं को पूरी तरह भुला दिया है और अब वे मुद्दों पर बहस करने के बजाय व्यक्तिगत हमलों और जहरीली भाषा का सहारा ले रहे हैं।

चुग ने कहा कि बार-बार जनता द्वारा नकारे जाने के बाद कांग्रेस की हताशा अब खुले तौर पर सामने आ रही है, जो इस तरह के आपत्तिजनक बयानों में दिखती है। उन्होंने कहा कि यह बयान कांग्रेस की बौखलाहट और सत्ता से दूर रहने की बेचैनी को दर्शाता है।

चुग ने कहा कि देश की जनता इस अपमान और अहंकार को बर्दाश्त नहीं करेगी और लोकतांत्रिक तरीके से कांग्रेस पार्टी और उसके नेतृत्व को करारा जवाब देगी।

चुघ ने टवीट जारी कर कहा कि देश के प्रधानमंत्री के लिए “आतंकवादी” जैसे शब्दों का प्रयोग करना कोई राजनीतिक मतभेद नहीं, बल्कि लोकतंत्र और 140 करोड़ देशवासियों के जनादेश का अपमान है और इसकी जितनी निंदा की जाए, कम है। यह बयान केवल एक व्यक्ति पर हमला नहीं, बल्कि देश की गरिमा और लोकतांत्रिक मूल्यों पर सीधा प्रहार है। देश की जनता इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी।

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