Edited By Vatika,Updated: 24 Jan, 2026 05:04 PM

पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार द्वारा मीडिया और विशेष तौर पर पंजाब केसरी ग्रुप
बठिंडा(विजय वर्मा): पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार द्वारा मीडिया और विशेष तौर पर पंजाब केसरी ग्रुप की आवाज को दबाने के लिए अपनाई जा रही दमनकारी नीतियों के खिलाफ शुक्रवार को बठिंडा में अभूतपूर्व जनसैलाब उमड़ पड़ा। लोकतंत्र के चौथे स्तंभ मीडिया के समर्थन में हजारों की संख्या में किसान, मजदूर, विद्यार्थी, कर्मचारी, सेवानिवृत्त मुलाजिमों सहित सामाजिक, धार्मिक एवं जनसंगठनों के प्रतिनिधि जिला उपायुक्त कार्यालय के समक्ष एकत्र हुए और पंजाब सरकार के खिलाफ जोरदार रोष प्रदर्शन करते हुए विशाल धरना दिया। धरने में शामिल लोगों ने एक स्वर में कहा कि “आम आदमी” का नारा देकर सत्ता में आई आम आदमी पार्टी की सरकार अब सवालों से डरने लगी है और सच दिखाने वाले मीडिया को कुचलने पर उतारू हो गई है। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि सरकार आलोचना सहन करने के बजाय मीडिया कर्मियों और मीडिया संस्थानों पर झूठे पुलिस केस दर्ज कर लोकतंत्र की नींव को कमजोर कर रही है।

नेताओं ने खोली सरकार की पोल
धरने को संबोधित करते हुए किसान नेता जोगिंदर सिंह उगराहां, निर्भय सिंह ढुड्डीके, राजिंदर दीप सिंह वाला, मनजीत सिंह धनेर, जगजीत सिंह डल्लेवाल, जोरा सिंह नसराली, शिंगारा सिंह मान, अशोक कंबोज, झंडा सिंह जेठूके, राणा रणवीर सिंह सहित अन्य नेताओं एवं वरिष्ठ पत्रकारों हमीर सिंह, दीपक चनारथल, राजिंदर सिंह तगर, रतनदीप धालीवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान सत्ता में आने से पहले सरकार से सवाल पूछने की बात करते थे, लेकिन आज वही सवाल उन्हें असहज कर रहे हैं। वक्ताओं ने कहा कि पूर्व सरकारें भी मीडिया को नियंत्रित करने के प्रयास करती रही हैं, लेकिन आम आदमी पार्टी सरकार ने सारी हदें पार करते हुए मीडिया कर्मियों के खिलाफ सीधे पुलिस कार्रवाई शुरू कर दी है, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए गंभीर खतरा है।
लोकतंत्र की हत्या बर्दाश्त नहीं
धरने में वक्ताओं ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि मीडिया समाज का आईना है, जो सत्ता को उसकी जिम्मेदारी याद दिलाता है। आज़ाद मीडिया ही लोकतंत्र की आत्मा है और उस पर हमला लोकतंत्र की हत्या के समान है। पंजाब सरकार द्वारा मीडिया घरानों और पत्रकारों को निशाना बनाना न केवल निंदनीय है बल्कि अस्वीकार्य भी है।उन्होंने कहा कि मीडिया हमेशा दबे-कुचले और शोषित वर्गों की आवाज बना है। आज जब वही मीडिया सरकारी दमन का शिकार हो रहा है, तो समाज के हर वर्ग का कर्तव्य है कि वह सच की आवाज के साथ खड़ा हो।
पंजाब भर में आंदोलन की चेतावनी
धरने में शामिल संगठनों और गणमान्य लोगों ने पंजाब सरकार को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि यदि मीडिया पर हमले तुरंत बंद नहीं किए गए तो आने वाले दिनों में पंजाब भर में बड़ा जनआंदोलन छेड़ा जाएगा, जिसमें हर वर्ग और हर पंजाबी सरकार की दमनकारी नीतियों के खिलाफ सड़कों पर उतरेगा।
इन संगठनों की रही प्रमुख भागीदारी
इस विशाल धरने में भारतीय किसान यूनियन (एकता उगराहां, डकौंदा धनेर, सिद्धूपुर, क्रांतिकारी, आजाद, खोसा, मानसा, मालवा), किसान मजदूर संघर्ष कमेटी, पंजाब खेत मजदूर यूनियन, ग्रामीण मजदूर सभा, मजदूर मुक्ति मोर्चा, बेरोजगार संगठन, नौजवान भारत सभा, पंजाब स्टूडैंट्स यूनियन (विभिन्न धड़े), डैमोक्रेटिक टीचर्स यूनियन, पंजाब गवर्नमेंट पेंशनर्स एसोसिएशन, रोडवेज-पनबस वर्कर्स यूनियन, तर्कशील सोसाइटी पंजाब, मेडिकल प्रैक्टिशनर्स एसोसिएशन, चंडीगढ़ प्रेस क्लब, पंजाब चंडीगढ़ जर्नलिस्ट्स यूनियन, इंडियन जर्नलिस्ट्स यूनियन, जम्हूरी अधिकार सभा, लोक मोर्चा पंजाब सहित अनेक सामाजिक व धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।