Edited By Kalash,Updated: 19 Jul, 2026 05:59 PM

महानगर के सबसे व्यस्त और व्यापारिक गढ़ फील्ड गंज इलाके के कूचा नंबर 7 में कानून व्यवस्था की धज्जियां उड़ाते हुए दो दुकानदारों के बीच दुकान के बाहर सामान (अड्डा) लगाने को लेकर हुआ मामूली विवाद एक खौफनाक खूनी संघर्ष में तब्दील हो गया।
लुधियाना (राज): महानगर के सबसे व्यस्त और व्यापारिक गढ़ फील्ड गंज इलाके के कूचा नंबर 7 में कानून व्यवस्था की धज्जियां उड़ाते हुए दो दुकानदारों के बीच दुकान के बाहर सामान (अड्डा) लगाने को लेकर हुआ मामूली विवाद एक खौफनाक खूनी संघर्ष में तब्दील हो गया। दोनों पक्षों के बीच सरेबाजार जमकर ईंट-पत्थर, कांच की बोतलें और तेजधार हथियार चले, जिससे पूरे बाजार में भगदड़ मच गई। इस वारदात में दोनों गुटों के कई लोग गंभीर रूप से लहूलुहान हुए हैं, जो इस समय अस्पताल में भर्ती हैं। वारदात का एक सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें दोनों पक्ष एक-दूसरे पर जानलेवा हमला करते साफ नजर आ रहे हैं।
अस्पताल में भर्ती पीड़ित दुकानदार के भाई हरप्रीत चावला ने पुलिस और मीडिया के सामने अपना पक्ष रखते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने बताया कि उनके बड़े भाई जगजीत सिंह चावला की कूचा नंबर 7 में 'गुड्डी दी हट्टी' (कॉस्मेटिक्स और डायपर स्टोर) के नाम से दुकान है। उसका आरोप है कि पड़ोस की दुकान का वर्कर अक्सर उनकी दुकान के ठीक आगे अपना सामान (अड्डा) लगा देता था, जिससे उनका व्यापार प्रभावित होता था। बीती शाम जब भाई जगजीत सिंह ने उसे सामान लगाने से रोका, तो आरोपी तैश में आ गया। हरप्रीत का दावा है कि बीच-बचाव होने के बावजूद कुछ ही देर में 3-4 हमलावर तेजधार हथियार लेकर सरेआम उनकी दुकान के भीतर घुस गए और जगजीत सिंह की गर्दन और सिर पर सीधे जानलेवा वार किए।
हरप्रीत चावला ने कहा है कि इस वारदात की सीसीटीवी फुटेज उनके पास मौजूद है। यदि पुलिस ने राजनीतिक दबाव के आगे झुककर हमलावरों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई नहीं की और उन्हें इंसाफ नहीं दिया, तो वे समस्त व्यापारिक संगठनों को साथ लेकर फील्ड गंज बाजार को पूरी तरह बंद करवाएंगे और पुलिस प्रशासन के खिलाफ एक बहुत बड़ा धरना प्रदर्शन शुरू करेंगे।
दूसरी ओर, शिमलापुरी के रहने वाले चनप्रीत सिंह (जिनकी ठीक सामने दुकान है) ने चावला परिवार के दावों को झूठा बताते हुए उन पर बेहद संगीन और गंभीर जवाबी आरोप लगाए हैं। चनप्रीत ने बताया कि जब वह अपनी दुकान के बाहर नियमानुसार सामान लगा रहा था, तो दूसरे पक्ष ने जबरन उसकी जगह घेरी हुई थी। चनप्रीत का आरोप है, "जब मैंने उन्हें अपनी जगह से सामान हटाने को कहा, तो दोनों भाई भड़क गए। उन्होंने मुझे सरेआम बाजार में जातिसूचक अपशब्द और गंदी गालियां देनी शुरू कर दीं। जब मैंने विरोध किया, तो उन्होंने मेरे साथ हाथापाई की और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाते हुए मेरी पगड़ी को हाथ डाला और सरेबाजार मेरी पगड़ी उछाल दी।" इस अपमान के बाद दोनों पक्षों में लाठियां और धारदार हथियार निकल आए।
इस घटना की सूचना मिलते ही भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा और स्थिति को नियंत्रण में लिया। मामले की गहनता से जांच कर रहे एएसआई शिंदर सिंह ने बताया कि शुरुआती तफ्तीश में यह साफ हुआ है कि पूरा विवाद दुकानों के सामने सामान रखने और कब्जा करने को लेकर शुरू हुआ था। झगड़े में चोटें आने के कारण दोनों ही पक्षों के लोग फिलहाल अस्पताल में दाखिल हैं। पुलिस ने मौके और आस-पास की दुकानों से जुड़े सभी महत्वपूर्ण सीसीटीवी फुटेज अपने कब्जे में ले लिए हैं। फिलहाल पुलिस जांच कर रही है।
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