Edited By Vatika,Updated: 23 Sep, 2026 09:46 AM

मारपीट कर विडियो बनाकर रिश्तेदारों को भेजा, फिर 70 हजार अमेरिकी डॉलर की फिरौती मांगी
जालंधर, फगवाड़ा: केन्या में कथित रूप से बंधक बनाए गए पंजाब के जालंधर निवासी राकेश कुमार भारत लौट आए। राकेश ने आरोप लगाया कि उन्हें इटली भेजने का झांसा देकर केन्या ले जाया गया, जहां फिरौती के लिए बंधक बनाकर प्रताड़ित किया गया। उन्होंने बताया कि उनके साथ दो अन्य पंजाबी युवकों को भी बंधक बनाया गया था।
राकेश के अनुसार वह अवतार सिंह और सुरिंदर सिंह के साथ 4 अगस्त को भारत से रवाना हुए थे और 5 अगस्त को नैरोबी पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया कि हवाई अड्डे से उन्हें एक सुनसान स्थान पर ले जाकर पासपोर्ट, मोबाइल फोन, नकदी और अन्य दस्तावेज छीन लिए गए। इसके बाद उन्हें एक कमरे में बंद कर दिया गया और परिवार से 70 हजार अमेरिकी डॉलर की फिरौती मांगने का दबाव बनाया गया। राकेश ने आरोप लगाया कि बंधकों के साथ मारपीट की गई और एक वीडियो बनाकर उनके रिश्तेदारों को भेजा गया, जिसमें फिरौती न देने पर जान से मारने की धमकी दी गई।
वीडियो मिलने के बाद परिवार ने फ्रांस में रहने वाले रिश्तेदार और भारतीय माइनॉरिटी फैडरेशन के कुलविंदर सिंह के माध्यम से राज्यसभा सदस्य सतनाम सिंह संधू से संपर्क किया। राकेश के मुताबिक संधू और भारतीय अधिकारियों के प्रयासों से केन्याई पुलिस ने 10 सितम्बर को तड़के कथित ठिकाने पर छापा मारकर छह संदिग्ध अपहरणकर्त्ताओं को गिरफ्तार किया। तीनों भारतीय युवकों को पुलिस स्टेशन ले जाने के बाद नैरोबी स्थित भारतीय दूतावास की सुरक्षा में रखा गया। उन्होंने बताया कि केन्याई अदालत ने गिरफ्तार आरोपियों को 14 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया। राकेश ने विदेश जाने के इच्छुक युवाओं से ट्रैवल एजैंटों और वीजा संबंधी दावों की पूरी जांच करने की अपील की। उनके परिवार ने भारत में कथित तौर पर इस कुव्यवस्था में शामिल स्थानीय एजैंटों के खिलाफ कार्रवाई करने और उनके लाइसैंस रद्द करने की मांग की है। हालांकि, इन आरोपों की संबंधित जांच एजैंसियों से स्वतंत्र पुष्टि की जानी बाकी है।