Edited By Urmila,Updated: 21 Aug, 2026 01:39 PM

शुक्रवार को कौमी इंसाफ मोर्चा की ओर से बुलाए गए पंजाब बंद का जालंधर में भी असर देखने को मिला। सुबह 7 बजे से दोपहर 2 बजे तक बुलाए गए बंद के दौरान शहर के कई बाजार बंद रहे।
जालंधर: शुक्रवार को कौमी इंसाफ मोर्चा की ओर से बुलाए गए पंजाब बंद का जालंधर में भी असर देखने को मिला। सुबह 7 बजे से दोपहर 2 बजे तक बुलाए गए बंद के दौरान शहर के कई बाजार बंद रहे। किसान यूनियनों और विभिन्न धार्मिक संगठनों ने भी बंद को अपना समर्थन दिया।
बंद के दौरान समर्थकों ने जालंधर-दिल्ली नेशनल हाईवे पर भी जाम लगा दिया, जिससे हाईवे पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई। सड़क पर प्रदर्शन और जाम के कारण राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
प्रदर्शनकारियों और नेताओं के मुताबिक, बंद के पीछे मुख्य मांग सिख कैदियों की रिहाई है। इसके साथ ही जगतार सिंह हवारा को कम से कम 10 दिन की पैरोल देने की मांग भी उठाई जा रही है, ताकि वह अपनी बुजुर्ग मां से मुलाकात कर सकें।
जगतार सिंह हवारा 1995 में पंजाब के तत्कालीन मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या से जुड़े मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे हैं। बंद समर्थकों ने सरकार से सिख कैदियों की रिहाई और हवारा को पैरोल देने की मांग पर गंभीरता से विचार करने की अपील की।
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