Edited By Urmila,Updated: 11 Apr, 2026 12:14 PM

पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब में लोकपाल का पद लंबे समय से खाली रहने पर सख्त रुख अपनाते हुए राज्य सरकार को नोटिस जारी किया है।
चंडीगढ़ (गंभीर): पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब में लोकपाल का पद लंबे समय से खाली रहने पर सख्त रुख अपनाते हुए राज्य सरकार को नोटिस जारी किया है। अदालत ने सरकार से 2 सप्ताह के भीतर स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश दिए हैं। चीफ जस्टिस शील नागू और जस्टिस संजय बेरी की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि लोकपाल जैसी महत्वपूर्ण संस्था का लंबे समय तक निष्क्रिय रहना गंभीर विषय है।
यह मामला एक जनहित याचिका के जरिए अदालत में पहुंचा, जिसमें बताया गया कि पंजाब में लोकपाल का पद 8 अक्टूबर 2025 से खाली पड़ा है और अब तक नियुक्ति की प्रक्रिया भी शुरू नहीं की गई है। याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि लोकपाल के अभाव में राज्य का भ्रष्टाचार विरोधी तंत्र पूरी तरह प्रभावित हुआ है और नागरिकों के पास शिकायतों के निपटारे के लिए कोई स्वतंत्र मंच नहीं बचा है।
याचिका में यह भी कहा गया कि पहले राज्य सरकार ने स्टेट विजिलेंस कमीशन को यह कहकर समाप्त कर दिया था कि लोकपाल व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा, लेकिन उस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। हाईकोर्ट ने सरकार से पूछा है कि लोकपाल की नियुक्ति में देरी क्यों हो रही है और इस पर जल्द कार्रवाई क्यों नहीं की गई। मामले की अगली सुनवाई में राज्य सरकार को अपनी स्थिति स्पष्ट करनी होगी।
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