Edited By Kamini,Updated: 04 May, 2026 04:55 PM

पिछले कई दिनों से इलाके में पड़ रही भीषण गर्मी ने जहां आम जनजीवन को प्रभावित किया है, वहीं फलदार बागों पर भी इसका असर स्पष्ट रूप से देखने को मिल रहा है।
गुरदासपुर (हरमन): पिछले कई दिनों से इलाके में पड़ रही भीषण गर्मी ने जहां आम जनजीवन को प्रभावित किया है, वहीं फलदार बागों पर भी इसका असर स्पष्ट रूप से देखने को मिल रहा है। बेशक अब बादल छाने और हल्की बारिश के कारण तापमान में अस्थायी तौर पर कुछ गिरावट आई है, लेकिन इसके बावजूद गुरदासपुर क्षेत्र में दिन का तापमान 37 से 39 डिग्री सैल्सियस के आसपास बना हुआ है, जबकि रात का तापमान भी तपिश वाला ही दर्ज किया जा रहा है।
बढ़ते तापमान, गर्म हवाओं और कम नमी के कारण पौधों की वृद्धि, फलों की गुणवत्ता और पैदावार पर नकारात्मक प्रभाव पड़ना शुरू हो गया है। इस संदर्भ में पंजाब कृषि विश्वविद्यालय के विशेषज्ञों द्वारा बागवानों को गर्मी के मौसम के दौरान अपने बागों के रखरखाव के लिए विशेष सलाह जारी की गई है। विशेषज्ञों के मुताबिक गर्मी के दिनों में सही सिंचाई बहुत महत्वपूर्ण है। पौधों को समय पर और सही मात्रा में पानी देना चाहिए, खासकर सुबह या शाम के समय, ताकि पानी की बचत हो और पौधों को पूरा लाभ मिल सके। किन्नू जैसी फसलों में 'ड्रिप इरिगेशन' (तुपका सिंचाई) तरीका सबसे अच्छा माना गया है, जिससे मिट्टी में नमी बनी रहती है और पानी की बचत होती है।

इसके अलावा, बागों में मल्चिंग करने की भी सिफारिश की गई है। धान की पराली या सूखे पत्तों के उपयोग से मिट्टी का तापमान संतुलित रहता है और नमी कायम रहती है, जिससे पौधों को गर्मी से काफी हद तक बचाया जा सकता है। विशेषज्ञों ने बताया कि तीखी धूप से बचाव के लिए पौधों के तनों पर चूने की सफेदी करना लाभदायक है। इससे तने को सूरज की सीधी तपिश से नुकसान नहीं होता। नए लगाए गए बागों में छोटे पौधों को शैड नेट या पराली से ढंककर भी बचाया जा सकता है।
खाद और कीट प्रबंधन के संबंध में विशेषज्ञों ने सलाह दी कि गर्मी के दौरान जमीनी खाद देने के बजाय पत्तों पर छिड़काव करना ज्यादा फायदेमंद है। कीटनाशकों का प्रयोग भी केवल जरूरत के अनुसार और ठंडे समय के दौरान करना चाहिए। उन्होंने बागों में हल्की काट-छांट करने और सूखी या बीमार टहनियों को हटाने की भी सिफारिश की है, ताकि पौधे स्वस्थ रहें। इसके साथ ही तेज हवाओं से बचाव के लिए बागों के चारों ओर ऊंचे पेड़ लगाने या बाड़ लगाने को भी जरूरी बताया गया है। विशेषज्ञों ने चेतावनी देते हुए कहा कि भले ही मौसम में तापमान में दो-तीन दिनों के लिए कुछ गिरावट आई है, लेकिन आने वाले दिनों में फिर से तीखी गर्मी और तेज हवाओं के कारण बागों पर असर पड़ सकता है। इसलिए किसानों को पहले से ही सावधान रहने और सही प्रबंधन अपनाने की जरूरत है।
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