Edited By Urmila,Updated: 10 Apr, 2026 10:44 AM

नशे के सौदागरों के खिलाफ छिड़ी जंग को और तेज करने के लिए कमिश्नरेट पुलिस ने अपनी कमर कस ली है।
लुधियाना (राज): नशे के सौदागरों के खिलाफ छिड़ी जंग को और तेज करने के लिए कमिश्नरेट पुलिस ने अपनी कमर कस ली है। इसी कड़ी में डी.सी.पी. (इन्वेस्टिगेशन) की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें जिले के तमाम राजपत्रित अधिकारियों (जी.ओ.), थाना प्रभारियों (एस.एच.ओ.) और पुलिस चौकी प्रभारियों ने शिरकत की। बैठक का मुख्य एजेंडा एन.डी.पी.एस. (NDPS) एक्ट के तहत दर्ज पुराने मामलों का निपटारा करना और नशे के खिलाफ चल रही मुहिम को तार्किक अंजाम तक पहुंचाना रहा।
बैठक के दौरान डी.सी.पी. हरपाल सिंह ग्रेवाल ने स्पष्ट किया कि नशा तस्करी से जुड़े जिन मामलों की जांच अभी तक लंबित है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए। अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए कि वे अदालती मामलों में समय पर पैरवी सुनिश्चित करें ताकि अपराधियों को जल्द से जल्द सलाखों के पीछे भेजा जा सके। डी.सी.पी. ने कहा कि जांच प्रक्रिया में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी और हर मामले की बारीकी से समीक्षा की जाएगी।
जनता की सुरक्षा को सर्वोपरि बताते हुए बैठक में जिले के 'क्राइम डिटेक्शन फ्रेमवर्क' यानी अपराध का पता लगाने वाले ढांचे को और अधिक सुव्यवस्थित और मजबूत करने पर जोर दिया गया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे अपने-अपने इलाकों में सूचना तंत्र को और प्रभावी बनाएं ताकि किसी भी अप्रिय घटना या नशे की सप्लाई चेन को समय रहते तोड़ा जा सके।
कमिश्नरेट पुलिस के इस कड़े रुख का मकसद लुधियाना के नागरिकों को एक सुरक्षित और अपराध मुक्त माहौल प्रदान करना है। डी.सी.पी. (इन्वेस्टिगेशन) ने अधिकारियों से कहा कि वे फील्ड में सक्रिय रहकर न केवल अपराधियों में खौफ पैदा करें, बल्कि आम जनता के बीच पुलिस के प्रति विश्वास को भी बढ़ाएं। बैठक के अंत में यह संदेश साफ था कि आने वाले दिनों में पुलिस की कार्रवाई और अधिक आक्रामक होने वाली है।
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