Edited By Urmila,Updated: 08 Sep, 2026 04:42 PM

जालंधर की सतनाम नगर मार्केट स्थित Kingdom Consultant के बाहर सोमवार को किसानों ने जमकर हंगामा किया।
जालंधर (सोनू) : जालंधर की सतनाम नगर मार्केट स्थित Kingdom Consultant के बाहर सोमवार को किसानों ने जमकर हंगामा किया। बड़ी संख्या में किसान और पीड़ित परिवार दफ्तर के बाहर धरने पर बैठ गए। उनका आरोप है कि कनाडा का वीजा लगवाने के नाम पर उनसे लाखों रुपये लिए गए, लेकिन लंबे समय बाद भी न तो वीजा मिला और न ही पूरी रकम वापस की गई।
पीड़ित जगमेल सिंह ने बताया कि करीब 11 महीने पहले उन्होंने अपनी बेटी के कनाडा वीजा के लिए उक्त कंसल्टेंट से संपर्क किया था। सोशल मीडिया पर विज्ञापन देखने के बाद वह दफ्तर पहुंचे थे। उनके मुताबिक, स्टाफ ने करीब दो महीने में वीजा आने का भरोसा दिलाया था। उन्होंने वीजा प्रक्रिया के लिए कुल 5.12 लाख रुपये देने का दावा किया।
जगमेल सिंह के अनुसार, करीब 4.22 लाख रुपये ऑनलाइन दिए गए थे, जिसके भुगतान के प्रमाण उनके पास हैं। बाकी रकम कैश में देने का दावा किया गया है। उनका आरोप है कि करीब आठ महीने बाद दफ्तर की ओर से टालमटोल शुरू हो गई और अब तक उन्हें पूरी रकम वापस नहीं मिली।
चेक देने का दावा, भुगतान न होने पर बढ़ा विवाद
पीड़ित परिवार का कहना है कि उन्हें रकम वापस करने के लिए चेक दिए गए थे, लेकिन भुगतान को लेकर समस्या बनी हुई है। परिवार का आरोप है कि पैसे वापस नहीं मिलने के कारण उन पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा है। इसी के चलते उन्होंने किसान संगठन के साथ दफ्तर के बाहर धरना दिया।
एक अन्य पीड़ित विक्रम ने भी अपने बच्चों के कनाडा वीजा के लिए करीब 6 लाख रुपये देने का दावा किया। उसके मुताबिक, वीजा रिफ्यूज होने के बाद रकम लौटाने को लेकर समझौता हुआ था, लेकिन बैंक में लगाया गया चेक बाउंस हो गया। विक्रम का आरोप है कि इसके बाद भी उसे पैसे नहीं दिए गए।
किसानों ने दी सड़क जाम करने की चेतावनी
किसान नेताओं ने कहा कि जब तक पीड़ितों को उनके पैसे वापस नहीं मिलते, तब तक उनका धरना जारी रहेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मामले का समाधान नहीं हुआ तो सड़क जाम करने जैसा कदम भी उठाया जा सकता है। वहीं, कंसल्टेंट के कर्मचारी करण ने पीड़ितों के आरोपों पर अपना पक्ष रखते हुए कहा कि वीजा रिफ्यूज होने के बाद जगमेल सिंह के परिवार से 2.80 लाख रुपये में समझौते की बात हुई थी और उन्हें चेक दिए गए थे। करण के मुताबिक, परिवार अब 5 लाख रुपये की मांग कर रहा है, जबकि वह 2.80 लाख रुपये लौटाने के लिए तैयार हैं।
विक्रम के मामले में भी करण ने करीब 4 लाख रुपये लौटाने की बात कही। दोनों पक्षों के बीच रकम को लेकर विवाद बना हुआ है। फिलहाल किसान संगठन पीड़ितों के साथ दफ्तर के बाहर धरने पर बैठा है और मामले के समाधान की मांग कर रहा है।
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