यहां हर गांव में रोजाना मौत से लड़ते हैं कई लोग, सैकड़ों जिंदगियां निगल चुका है घातक रोग

Edited By Sunita sarangal,Updated: 18 Sep, 2019 03:21 PM

effects of cancer in malwa

मालवा जोन में कैंसर ने अपनी जड़ें इतनी मजबूत कर ली हैं कि कई घरों के चूल्हे इस नामुराद बीमारी के साथ ठंडे हो गए हैं।

शेरपुर(सिंगला): मालवा जोन में कैंसर ने अपनी जड़ें इतनी मजबूत कर ली हैं कि कई घरों के चूल्हे इस नामुराद बीमारी के साथ ठंडे हो गए हैं। अनेक मासूम बच्चे मां-बाप के प्यार से वंचित होकर ठोकरें खाने के लिए मजबूर हैं। इस क्षेत्र में चलती ट्रेनें को भी कैंसर वाली ट्रेनों के नाम से जाना जाने लगा है। मालवा जोन में कैंसर का कोई बड़ा अस्पताल न होने के कारण मरीजों को अपना इलाज करवाने के लिए दूर-दूर जाना पड़ता है। शेरपुर के हर गांव में आधा दर्जन के करीब मरीज कैंसर की बीमारी से जूझ रहे हैं।

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सूत्रों से पता चला है कि गांव के दो मजदूर परिवारों के मरीज कैंसर की बीमारी के चलते जिंदगी-मौत की लड़ाई लड़ रहे हैं। इन परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत न होने के कारण मरीजों की हालत दिनों-दिन खराब हो रही है। बेशक सरकार दोनों परिवारों को थोड़ी-बहुत सरकारी सहायता दे रही है, परंतु पूरे इलाज के लिए वे इधर-उधर से पैसे उधार ले रहे हैं।

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जानकारी के अनुसार जगसीर सिंह (19) पुत्र निर्मल सिंह निवासी खेड़ी कलां के गले पर एक गांठ थी जिसका पटियाला में राजिंद्रा अस्पताल से आप्रेशन करवाया गया था। परंतु काफी समय बीत जाने के बाद पता लगा कि वह कैंसर से पीड़ित है और अब उसका इलाज संगरूर के अस्पताल में चल रहा है। पीड़ित का पिता निर्मल सिंह मजदूरी करके परिवार का गुजारा बहुत मुश्किल से चला रहा है। पीड़ित की बहन की उम्र 22 साल है और उसकी शादी करने की चिंता भी परिवार को सता रही है। निर्मल सिंह ने बताया कि वो पहले ही अपनी बेटी मनप्रीत कौर को आंत की बीमारी के कारण खो चुके हैं। अब बेटे की बीमारी ने परिवार की कमर तोड़ दी है।  

दूसरा मरीज भोला सिंह का इलाज 23-5-2018 से लगातार चल रहा है। पीड़ित परिवार में 3 लड़कियां कुंवारी हैं और एक लड़का पढ़ाई कर रहा है। जबकि मरीज की पत्नी सैंटर में हैल्पर के तौर पर काम कर रही है और अपने परिवार का गुजारा बहुत मुश्किल से चला रही है। पीड़ित ही परिवार का प्रमुख है। उसके घर की आर्थिक हालत अति नाजुक बनी हुई है। लाखों रुपए खर्च हो चुके हैं। वह घर में ही अब अपना इलाज करवा रहा है। 
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क्या कहते हैं एम.पी. संगरूर 
जब इस संबंधी लोकसभा हलका संगरूर के मैंबर पार्लियामेंट भगवंत मान प्रधान आप पंजाब के साथ बातचीत की तो उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार इसके लिए जिम्मेदार हैं, क्योंकि उन्होंने मालवा में देश की आजादी के बाद आज तक कोई भी बड़ा अस्पताल स्थापित नहीं किया। इसके अलावा सरकारों ने साफ और शुद्ध पानी मुहैया करवाने का कोई यत्न नहीं किया। धरती के नीचे पड़ते फैक्टरियों के गंदे पानी की रोकथाम भी बंद नहीं की गई। उन्होंने कहा कि वह कैंसर पीड़ितों का इलाज करवाने के लिए हर संभव मदद करेंगे। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार से अपील की कि वह नशों और बीमारियों में डूबते पंजाब की सार लें।

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