Edited By Vatika,Updated: 04 Nov, 2026 09:52 AM

गिल रोड स्थित अति-व्यस्त पाहवा चौक पर सार्वजनिक स्थान पर बैठकर सरेआम शराब पीने और राहगीरों के
लुधियाना, (राज): गिल रोड स्थित अति-व्यस्त पाहवा चौक पर सार्वजनिक स्थान पर बैठकर सरेआम शराब पीने और राहगीरों के लिए परेशानी खड़ी करने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ निहंग सिंहों द्वारा मोर्चा खोला गया है। खुलेआम शराब पीकर हुड़दंग मचा रहे व्यक्तियों को रंगे हाथों पकड़कर निहंग सिंह गांधी बाबा और उनके साथियों ने जमकर 'छित्तर परेड' की और मौके पर ही सबक सिखाया।
इस घटना के बाद इलाके में सरेआम नशा करने वालों में हड़कंप मच गया है। प्रत्यक्षदर्शियों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, गिल रोड के पाहवा चौक के निकट कुछ युवक व असामाजिक तत्व शराब के ठेके के बाहर ही खुलेआम सड़क किनारे बैठकर शराब पी रहे थे। शराब के नशे में धुत होकर ये लोग आने-जाने वाले आम राहगीरों और दुकानदारों के लिए परेशानी का सबब बने हुए थे। इसी दौरान वहां से गुजर रहे निहंग गांधी बाबा और उनके साथियों की नजर खुले में शराब पी रहे इन लोगों पर पड़ी। निहंग सिंहों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर उन्हें चारों तरफ से घेर लिया और सार्वजनिक जगह पर इस तरह की घटिया हरकत करने पर कड़ा ऐतराज जताया।
जमकर की छित्तर परेड, कान पकड़कर मंगवाई तौबा
सरेआम नशाखोरी का विरोध करने पर जब शराबी आनाकानी करने लगे, तो निहंग सिंहों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने मौके पर ही शराबियों की जमकर 'छित्तर परेड' कर दी। निहंग सिंहों के सख्त तेवर देखकर शराबियों के होश उड़ गए और उनका सारा नशा काफूर हो गया। सार्वजनिक तौर पर हुई इस कार्रवाई के दौरान आरोपियों ने कान पकड़कर भविष्य में कभी भी खुले में शराब न पीने और ऐसी गलती न दोहराने की कसमें खाते हुए माफी मांगी।
'अब किसी को नहीं बख्शेंगे'— गांधी बाबा ने दी खुली चेतावनी
मौके पर सख्त रुख अपनाते हुए निहंग गांधी बाबा ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि पाहवा चौक और आसपास के इलाकों में खुलेआम शराब पीने, नशेबाजी करने और माहौल खराब करने वाले असामाजिक तत्वों को अब किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर माता-बहनें और परिवार गुजरते हैं, ऐसे में सरेआम शराबखोरी कर समाज का माहौल गंदा करने वालों के खिलाफ इसी तरह मौके पर ही कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने प्रशासन और पुलिस से भी अपील की कि ऐसे शराबियों और नशेड़ियों पर नकेल कसी जाए, अन्यथा जनता और सिंह खुद इन्हें सबक सिखाने के लिए मजबूर होंगे।