Edited By Vatika,Updated: 02 Nov, 2026 11:32 AM

आम आदमी पार्टी के के अमृतसर से विधायक कुंवर विजय प्रताप सिंह ने इस्तीफा दे दिया है।
अमृतसर/चंडीगढ़: आम आदमी पार्टी (आप) से निलंबित विधायक और पूर्व आईपीएस (भारतीय पुलिस सेवा) अधिकारी कुंवर विजय प्रताप सिंह ने सोमवार को कहा कि उन्होंने पंजाब विधानसभा के विधायक पद से इस्तीफा दे दिया है। अमृतसर उत्तर सीट से विधायक सिंह ने अपना इस्तीफा विधानसभा अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवान को भेज दिया है।
कुंवर विजय प्रताप सिंह ने 'फेसबुक' पर एक पोस्ट में अपना इस्तीफा साझा करते हुए लिखा, ''मैंने पंजाब विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है।'' पंजाब विधानसभा अध्यक्ष को भेजे अपने पत्र में सिंह ने लिखा, ''मैं इसके माध्यम से सूचित करना चाहता हूं कि एक नवंबर 2026 से मैं सदन में अपनी सीट से इस्तीफा दे रहा हूं।'' उनका यह इस्तीफा 'आप' के दो विधायकों - पंजाब के पटियाला जिले में समाना से चेतन सिंह जौरामाजरा और सनौर से हरमीत सिंह पठानमाजरा के रविवार को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने के ठीक बाद आया है। पिछले साल जून में पार्टी विरोधी गतिविधियों में संलिप्तता के आरोप में सिंह को पांच साल के लिए पार्टी से निलंबित कर दिया गया था। शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया के खिलाफ पंजाब सतर्कता ब्यूरो की कार्रवाई पर सवाल उठाने के बाद सिंह को निलंबित कर दिया गया था। मजीठिया को आय से अधिक संपत्ति के मामले में गिरफ्तार किया गया था।
कुंवर विजय प्रताप सिंह कई मुद्दों पर 'आप' सरकार के मुखर आलोचक रहे। उन्होंने इससे पहले फरीदकोट में 2015 के बेअदबी और पुलिस गोलीबारी के मामलों से निपटने के तरीके पर नाराजगी जताई थी और इस मामले में न्याय की मांग की थी। सिंह पंजाब पुलिस के उस विशेष जांच दल (एसआईटी) का हिस्सा थे जिसने 2015 की कोटकपुरा और बहबल कलां पुलिस गोलीबारी की घटनाओं की जांच की थी। उन्होंने विधानसभा में भी कई बार 2015 की बेअदबी का मुद्दा उठाया था। पिछले साल अमृतसर में जहरीली शराब के सेवन से 20 से अधिक लोगों की मौत के बाद भी सिंह ने भगवंत मान सरकार की आलोचना की थी। सिंह ने 2021 में पुलिस सेवा से समय से पहले सेवानिवृत्ति लेने के बाद आम आदमी पार्टी की सदस्यता ग्रहण की थी। इसके बाद वह 2022 के विधानसभा चुनाव में अमृतसर उत्तर सीट से विधायक निर्वाचित हुए थे।