Edited By Vatika,Updated: 26 Oct, 2026 10:32 AM

अक्तूबर के अंतिम सप्ताह में हुई बेमौसमी बारिश के बाद अमृतसर में मौसम ने अचानक करवट ले
अमृतसर (दलजीत) : अक्तूबर के अंतिम सप्ताह में हुई बेमौसमी बारिश के बाद अमृतसर में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। बारिश के साथ चली ठंडी हवाओं से तापमान में गिरावट महसूस की जा रही है और ठंड का असर बढ़ने लगा है। मौसम में आए इस बदलाव ने जहां लोगों को गर्मी से राहत दी है, वहीं दमा, सांस, एलर्जी और छाती संबंधी बीमारियों से पीड़ित मरीजों की परेशानी बढ़ने की आशंका भी पैदा कर दी है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बच्चों, बुजुर्गों और सांस की पुरानी बीमारियों से जूझ रहे लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। मौसम में अचानक आए बदलाव के कारण कुछ लोगों को खांसी, जुकाम, गले में खराश और सांस लेने में परेशानी हो सकती है। दमा के मरीजों को सीने में जकड़न, सांस लेते समय सीटी जैसी आवाज आने और रात के समय खांसी बढ़ने की शिकायत हो सकती है। ठंडी हवा के अलावाधूल, धुआं, प्रदूषण और नमी भी संवेदनशील लोगों में एलर्जी तथा सांस संबंधी समस्याओं को बढ़ा सकते हैं। हालांकि हर खांसी या जुकाम का कारण मौसम में बदलाव नहीं होता, इसलिए लक्षण लगातार बने रहने पर चिकित्सकीय जांच करवाना जरूरी है।
ठंडी हवा के संपर्क में आने से कुछ लोगों की सांस की नलियों में सिकुड़न हो सकती है, जिससे दमा और पुरानी सांस संबंधी बीमारियों से पीड़ित मरीजों की परेशानी बढ़ सकती है। ऐसे मरीजों को सुबह और शाम के समय विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। घर से बाहर निकलते समय मौसम के अनुरूप गर्म कपड़े पहनें और धूल, धुएं तथा प्रदूषण से बचने का प्रयास करें। चिकित्सक द्वारा निर्धारित दवाइयां और इनहेलर नियमित रूप से लेते रहें। बिना चिकित्सकीय सलाह के दवाइयां बंद करना या उनकी मात्रा में बदलाव करना नुकसानदायक हो सकता है।