डा. गांधी ने पंजाब के लिए स्वायत्तता व आनंदपुर साहिब के प्रस्ताव का मुद्दा उठाया

Edited By Vatika,Updated: 02 Nov, 2018 10:12 AM

dr dharamvir gandhi

यहां मैंबर पार्लियामैंट डा. धर्मवीर गांधी के नेतृत्व में पंजाब मंच द्वारा स्वंयतता विषय पर करवाई गई राज्य स्तरीय कांफ्रैंस में कई अन्य राज्यों के वक्ताओं ने अपने विचार रखे। इस कांफ्रैंस में पंजाब को स्वायत्तता देने की मांग पर जोर दिया गया। इस...

चंडीगढ (भुल्लर):  यहां मैंबर पार्लियामैंट डा. धर्मवीर गांधी के नेतृत्व में पंजाब मंच द्वारा स्वंयतता विषय पर करवाई गई राज्य स्तरीय कांफ्रैंस में कई अन्य राज्यों के वक्ताओं ने अपने विचार रखे। इस कांफ्रैंस में पंजाब को स्वायत्तता देने की मांग पर जोर दिया गया। इस उद्देश्य की प्राप्ति के लिए विभिन्न दलों को मिलकर अभियान चलाने का आह्वान किया गया है। 

उल्लेखनीय है कि इस कांफ्रैंस में आनंदपुर साहिब के प्रस्ताव का भी मुख्य वक्ताओं ने जिक्र करते हुए इसका समर्थन किया। उल्लेखनीय है कि डा. गांधी द्वारा बुलाई गई इस संधू, पिरमल सिंह और जगदेव सिंह कमालू भी शामिल हुए। सिख विद्वानों द्वारा पूर्व आई.ए.एस. गुरतेज सिंह और डाप गुरदर्शन सिंह ढिल्लों भी शामिल हुए।भकना भवन में हुई कांफ्रैंस में डा. गांधी ने शुरू में स्वागती शब्द कहे और संघवाद और स्वायत्तता के संकल्प की पंजाब और अन्य भारतीय राज्यों के लिए महत्वता पर रोशनी डाली। 

आक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के प्रोफैसर प्रीतम सिंह ने  पंजाबियों के एकता को पंजाब की खुशहाली के लिए जरूरी कहा। बंगाल से आए बंगला पोखो के नेता गारगा चैटर्जी ने इस बात पर जोर दिया कि बराबरी और स्वाभिमान स्वतंत्रता में एकता के लिए जरूरी है। तमिनलाडु से आए सेनथिल नाथन ने कहा कि क्षेत्र, राज्य, संघ आदि शब्दों की असली भावना के संबंध में रोशनी डाली। 

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