Edited By Subhash Kapoor,Updated: 20 Feb, 2026 09:15 PM

अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन डी.सी. में खालिस्तान समर्थकों की ओर से राजनीतिक गतिविधि देखने को मिली, जहां सिख्स फॉर जस्टिस (SFJ) ने ‘बोर्ड ऑफ पीस’ की पहली आधिकारिक बैठक के दौरान 1 बिलियन अमेरिकी डॉलर का प्रस्ताव पेश किया।
वाशिंगटन (सरबजीत सिंह बनूड़) — अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन डी.सी. में खालिस्तान समर्थकों की ओर से राजनीतिक गतिविधि देखने को मिली, जहां सिख्स फॉर जस्टिस (SFJ) ने ‘बोर्ड ऑफ पीस’ की पहली आधिकारिक बैठक के दौरान 1 बिलियन अमेरिकी डॉलर का प्रस्ताव पेश किया। इस मौके पर अमेरिका भर से पहुंचे सिखों ने “खालिस्तान पीस रैली” में भाग लेकर अपनी राजनीतिक मांग दोहराई।
SFJ के जनरल काउंसिल द्वारा व्हाइट हाउस को 1 बिलियन डॉलर की प्रतिबद्धता भी सौंपी गई। इस प्रस्ताव के साथ यह मांग जोड़ी गई कि भारत के प्रधानमंत्री को निर्देश दिए जाएं कि वे अमेरिकी स्टेट डिपार्टमेंट की निगरानी में भारतीय नियंत्रण वाले पंजाब में आज़ादी संबंधी जनमत संग्रह (रेफरेंडम) करवाएं। इस अवसर पर SFJ कार्यकर्ताओं ने 1 बिलियन डॉलर का प्रतीकात्मक चेक भी प्रदर्शित किया।
SFJ के जनरल काउंसिल गुरपतवंत सिंह पन्नू ने कहा कि “पंजाब एक टिकिंग बम की तरह है। खालिस्तान जनमत संग्रह के समर्थकों को कथित फर्जी एनकाउंटरों का सामना करना पड़ता है। 11 हजार से अधिक सिख युवाओं को गिरफ्तार कर राजनीतिक विचारों के कारण ‘गैंगस्टर’ घोषित किया गया है।”
उन्होंने आगे कहा कि ‘बोर्ड ऑफ पीस’ का उद्देश्य संभावित संघर्षों को खूनी टकराव से पहले शांतिपूर्ण तरीके से हल करना है। “किसी भी संभावित टकराव से पहले यह जरूरी है कि अमेरिकी नेतृत्व हस्तक्षेप कर लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण समाधान सुनिश्चित करे और निगरानी में जनमत संग्रह करवाया जाए।”
रैली में शामिल लोगों ने अमेरिकी प्रशासन का धन्यवाद करते हुए मांग की कि पंजाब के मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शांति और मानवाधिकारों के संदर्भ में सुना जाए।
