Edited By Vatika,Updated: 02 Apr, 2026 10:28 AM

घरेलू गैस सिलैंडरों की ऑनलाइन बुकिंग को लेकर उपभोक्ताओं को भारी परेशानी का साम
जालंधर(धवन): घरेलू गैस सिलैंडरों की ऑनलाइन बुकिंग को लेकर उपभोक्ताओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। विभिन्न तेल कंपनियों की गैस एजेंसियों में ऑनलाइन बुकिंग व्यवस्था ठीक से काम नहीं कर रही है, जिससे लोगों में रोष बढ़ता जा रहा है। उपभोक्ताओं ने शिकायत की है कि केंद्र सरकार द्वारा स्पष्ट निर्देश दिए जाने के बावजूद कई गैस एजेंसियों में ऑनलाइन बुकिंग सुचारू रूप से नहीं हो रही है।
उपभोक्ताओं का कहना है कि जब वह ऑनलाइन सिलेंडर की बुकिंग करते हैं तो तुरन्त जवाब नहीं मिलता है। दूसरे या तीसरे दिन बुकिंग का जवाब आता है और तब तक उपभोक्ता गैस एजेंसी के दफ्तर में जाकर सिलेंडर बुक करवा आते हैं। सरकार ने तेल कंपनियों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा था कि उपभोक्ताओं को गैस एजेंसियों के दफ्तरों में न जाना पड़े और वे घर बैठे ही सिलेंडर बुक कर सकें, लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति इसके विपरीत दिखाई दे रही है। लोगों का कहना है कि वे बार-बार ऑनलाइन बुकिंग करने की कोशिश करते हैं। कभी-कभी बुकिंग हो जाती है, लेकिन ज्यादातर समय सिस्टम काम नहीं करता या बुकिंग असफल हो जाती है। इसके कारण उपभोक्ताओं को मजबूर होकर गैस एजेंसियों के दफ्तरों में जाना पड़ रहा है। खासकर वरिष्ठ नागरिकों को इस समस्या से अधिक परेशानी हो रही है, क्योंकि उन्हें लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ता है।
उपभोक्ताओं ने मांग की कि ऑनलाइन बुकिंग व्यवस्था को तुरंत सुधार कर सुचारू बनाया जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके। प्रशासन द्वारा इस समस्या की जांच करने के लिए कई बार प्रयास किए गए, लेकिन हालात में कोई खास सुधार नहीं हो पाया। सूत्रों के अनुसार, तकनीकी खामियां और एजेंसियों की लापरवाही इस समस्या की मुख्य वजह मानी जा रही हैं। कई स्थानों पर सर्वर सही से काम नहीं कर रहे, जबकि कुछ एजैंसियां ऑनलाइन सिस्टम को पूरी तरह लागू करने में असफल रही हैं। उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया है कि प्रशासन इस मुद्दे को गंभीरता से लेने में विफल रहा है और व्यवस्था सुधारने में पूरी तरह नाकाम साबित हुआ है। इसके अलावा कई उपभोक्ताओं ने बताया कि गैस एजेंसियों के हैल्पलाइन नंबर भी या तो व्यस्त रहते हैं या फिर उन पर कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिलता। इससे लोगों की परेशानी और बढ़ गई है, क्योंकि न तो ऑनलाइन बुकिंग हो पा रही है और न ही फोन के माध्यम से समाधान मिल रहा है। कुछ उपभोक्ताओं का यह भी कहना है कि एजेंसियों में पारदर्शिता की कमी है, जिससे लोगों को दफ्तरों में आकर बुकिंग करनी पड़े। इससे समय और पैसे दोनों की बर्बादी हो रही है।