गाड़ियों में हूटर, फ्लैशर और ब्लैक फिल्म पर सख्ती, दुकानदारों के लिए भी नए नियम लागू

Edited By Vatika,Updated: 15 Aug, 2026 08:55 AM

crackdown on vehicle hooters flashers and black window films

कमिश्नरेट पुलिस ने शहर में वाहनों पर अवैध रूप से हूटर, सायरन, फ्लैशिंग/एलईडी लाइटें, ब्लैक फिल्म

लुधियाना(राज) : कमिश्नरेट पुलिस ने शहर में वाहनों पर अवैध रूप से हूटर, सायरन, फ्लैशिंग/एलईडी लाइटें, ब्लैक फिल्म और बंपर गार्ड लगाने व बेचने वालों के खिलाफ सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने, अपराधों पर अंकुश लगाने और ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन रोकने के उद्देश्य से पुलिस प्रशासन ने कार एक्सेसरी डीलरों और दुकानदारों के लिए कड़े दिशानिर्देश जारी किए हैं।

एडिशनल पुलिस कमिश्नर रुपिंदर सिंह ने आदेश जारी किए हैं। यह आदेश आगामी दो महीने तक पूरे पुलिस कमिश्नरेट लुधियाना के अधिकार क्षेत्र में प्रभावी रहेगा। स्पेशल डायरेक्टर जनरल पुलिस (लॉ एंड ऑर्डर, पंजाब) के पत्र का संज्ञान लेते हुए पुलिस प्रशासन के ध्यान में आया कि विभिन्न एजेंसियों, फर्मों और स्थानीय बाजार के दुकानदारों द्वारा गाडिय़ों में कंपनी फिटिंग के अलावा हूटर, सायरन, नीली-सफेद फ्लैशिंग एलईडी/फ्लिकर लाइटें, ब्लैक फिल्म और भारी बंपर गार्ड लगाए जा रहे हैं। इससे न केवल आम जनता में भय का माहौल बनता है और ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन होता है, बल्कि सडक़ दुर्घटनाओं और वारदातों के बाद ऐसे वाहनों की पहचान करना भी पुलिस के लिए चुनौतीपूर्ण हो जाता है। इसके अलावा, अधिकांश विक्रेता और फिटिंग करने वाले दुकानदार इस संबंध में कोई स्टॉक या खरीद-फरोख्त का रिकॉर्ड मेंटेन नहीं कर रहे थे।

दुकानदारों और कार एक्सेसरी फर्मों के लिए जरूरी निर्देश
स्टॉक और बिक्री रजिस्टर अनिवार्य: हर एजेंसी, फर्म, स्टॉक डीलर और दुकानदार को अवैध या विशेष एक्सेसरी बेचने व फिट करने का पूरा स्टॉक रजिस्टर मेंटेन करना होगा। यदि कोई वाहन मालिक सायरन, हूटर या फ्लैशर लगवाता है, तो दुकानदार को संबंधित सरकारी विभाग द्वारा जारी अधिकृत अनुमति पत्र की जांच कर उसका रिकॉर्ड रखना होगा। जिस वाहन पर भी एक्सेसरी फिट की जाएगी, उस सामान के ऊपर संबंधित दुकान का स्टीकर या पहचान कार्ड लगाना अनिवार्य होगा। रजिस्टर में वाहन का मॉडल, रजिस्ट्रेशन नंबर, वाहन मालिक का पूरा नाम, पता और मोबाइल नंबर दर्ज करना होगा। दुकानदारों और डीलरों को यह पूरा रिकॉर्ड आगामी 05 वर्षों तक अपने पास सुरक्षित रखना होगा, ताकि जांच के दौरान पुलिस को उपलब्ध कराया जा सके।

उल्लंघन करने पर होगी कानूनी कार्रवाई
एडिशनल पुलिस कमिश्नर रुपिंदर सिंह ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि यदि कोई भी एजेंसी, डीलर या दुकानदार इन नियमों की अवहेलना करता पाया गया, तो उसके खिलाफ कानून के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

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