CBSE छात्रों के लिए बड़ा अपडेट! 2026-27 से लागू होगी नई थ्री-लैंग्वेज पॉलिसी

Edited By Vatika,Updated: 04 Aug, 2026 08:41 AM

new three language policy implemented in cbse schools

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सी.बी.एस.ई.) ने नई थ्री-लैंग्वेज पॉलिसी लागू कर दी है। इसके तहत कक्षा छठी से 10वीं तक

लुधियाना (विक्की): केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सी.बी.एस.ई.) ने नई थ्री-लैंग्वेज पॉलिसी लागू कर दी है। इसके तहत कक्षा छठी से 10वीं तक के विद्यार्थियों के लिए तीन भाषाएं पढ़ना अनिवार्य होगजिन्हें आर-1, आर-2 और आर-3 नाम दिया गया है। 1 जुलाई से कक्षा 9वीं में प्रवेश लेने वाले सभी विद्यार्थियों के लिए 3 भाषाओं का अध्ययन अनिवार्य कर दिया गया है।

इस व्यवस्था के तहत कम से कम दो भारतीय भाषाएं पढ़ना अनिवार्य होगा जिनमें हिंदी, क्षेत्रीय या शास्त्रीय भाषाएं शामिल हो सकती हैं। यह नीति 2026-27 शैक्षणिक सत्र से चरणबद्ध तरीके से लागू होगी और भाषा शिक्षा एन.सी.ई.आर.टी. के नए पाठ्यक्रम के अनुसार होगी। विद्यार्थी फ्रैंच, जर्मन, स्पेनिश जैसी विदेशी भाषाओं को आर-3 के रूप में तभी चुन सकेंगे जब बाकी 2 भाषाएं भारतीय हों। कक्षा छठी से अंग्रेजी को भी 'विदेशी भाषा' की श्रेणी में रखा जाएगा। राहत की बात यह है कि कक्षा 10वीं में तीसरी भाषा (आर-3) की बोर्ड परीक्षा नहीं होगी। आर-3 का मूल्यांकन स्कूल अपने स्तर पर करेंगे और इसके अंक या ग्रेड सी.बी.एस.ई. के सर्टिफिकेट में दर्ज होंगे। केवल आर-3 के कारण किसी भी विद्यार्थी को 10वीं की बोर्ड परीक्षा में शामिल होने से नहीं रोका जाएगा।

इन विद्यार्थियों पर लागू होगी व्यवस्था
वर्तमान 
कक्षा 10वीं, 7वीं, 8वीं और 9वीं के विद्यार्थियों पर यह नई व्यवस्था लागू नहीं होगी। 2026-27 में कक्षा छठी में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थी इस व्यवस्था का पहला बैच होंगे जो 2031 में पहली बार आर-3 की बोर्ड परीक्षा देंगे। बोर्ड का कहना है कि इससे पढ़ाई का बोझ नहीं बढ़ेगा। अभिभावकों को सलाह दी गई है कि वे सही जानकारी के लिए स्कूल या बोर्ड की आधिकारिक वैबसाइट से ही संपर्क करें और भ्रामक खबरों पर भरोसा न करें।

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