पंजाब के इस जिले में चिकनगुनिया बीमारी के बढ़ते मामले, हर घर हो रहा शिकार!

Edited By Urmila,Updated: 26 Nov, 2025 01:35 PM

chikungunya disease threatens this district of punjab

बरनाला शहर इस समय चिकनगुनिया के भीषण प्रकोप से जूझ रहा है। जिस तरह से रोजाना नए मामले सामने आ रहे हैं,।

बरनाला (विवेक सिंधवानी, रवि, उमेश): बरनाला शहर इस समय चिकनगुनिया के भीषण प्रकोप से जूझ रहा है। जिस तरह से रोजाना नए मामले सामने आ रहे हैं, उससे यह स्पष्ट संकेत मिलता है कि शहर का हर दूसरा व्यक्ति इस बीमारी की चपेट में है। इस खतरनाक वायरल संक्रमण के कारण लोग तेज बुखार के बाद जोड़ों के असहनीय दर्द से कराह रहे हैं, लेकिन स्थानीय स्वास्थ्य विभाग मरीजों की सही संख्या छिपाकर आंकड़ों पर पर्दा डालने का प्रयास कर रहा है, जिससे जमीनी हकीकत और भी भयावह नजर आ रही है।

शहर में हर दूसरा घर प्रभावित 

बरनाला शहर की स्थिति अत्यंत गंभीर हो चुकी है। शहर के अलग-अलग मोहल्लों में चिकनगुनिया के मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है। अनुमान लगाया जा रहा है कि शहर में हर दूसरा घर इस बीमारी की चपेट में आ चुका है। तेज बुखार, जोड़ों में असहनीय दर्द और शरीर पर चकत्ते इस बीमारी के मुख्य लक्षण हैं, जिसके कारण लोगों का जीना मुश्किल हो गया है। कई लोग बुखार उतरने के बाद भी बिस्तर से उठने में असमर्थ हैं और जोड़ों के दर्द से जूझ रहे हैं, जो महीनों तक रह सकता है। इस संक्रमण ने लोगों का काम-काज और सामान्य जीवन बुरी तरह प्रभावित कर दिया है, जिससे आर्थिक और सामाजिक नुकसान हो रहा है।

गंदगी और मच्छरों का प्रकोप है मुख्य कारण

बरनाला शहर में चिकनगुनिया के तेजी से फैलने का सबसे बड़ा कारण गंदगी और मच्छरों का पनपना है, जिसे नजरअंदाज किया जा रहा है। 

गंदे पानी का जमाव: शहर में जगह-जगह गंदा पानी जमा हो रहा है, जो एडीज मच्छरों के प्रजनन के लिए एक आदर्श स्थान बन गया है। यह मच्छर साफ पानी में पनपता है और दिन के समय काटता है।

लोगों की लापरवाही: हालांकि प्रशासन की कमी है, लेकिन स्थानीय लोगों पर भी आरोप है कि वे नगर निगम और प्रशासन के साथ सहयोग नहीं कर रहे हैं और न ही घरों के आस-पास सफाई पर ध्यान दे रहे हैं, जिससे यह संक्रमण पैर पसार रहा है।

उपचार से अधिक रोकथाम पर ध्यान जरूरी

चिकनगुनिया का प्रसार एडीज मच्छर के काटने से होता है। विशेषज्ञों के अनुसार, चिकनगुनिया का सबसे प्रभावी इलाज इसकी रोकथाम ही है, क्योंकि इसका कोई विशिष्ट दवा या टीका नहीं है।

उपचार: उपचार लक्षणों के प्रबंधन पर केंद्रित होता है, जिसमें पर्याप्त आराम और तरल पदार्थों का सेवन शामिल है। बुखार और दर्द को नियंत्रित करने के लिए डॉक्टर की सलाह पर पैरासिटामोल जैसी दवाएं ली जाती हैं।

रोकथाम के उपाय: प्रशासन को फॉगिंग और मच्छरनाशक रसायनों का छिड़काव नियमित रूप से कराना चाहिए।

-नागरिकों को अपने घरों और आस-पास पानी जमा नहीं होने देना चाहिए। कूलर, गमलों और टूटे बर्तनों में जमे पानी को तुरंत खाली करना चाहिए।
-मच्छरदानी और रिपेलैंट का उपयोग करें ताकि मच्छर के काटने से बचा जा सके।
-चिकनगुनिया से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग और आम जनता दोनों को साझा प्रयास करने की जरूरत है, तभी बरनाला को इस भीषण संकट से बाहर निकाला जा सकता है।

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