Edited By Subhash Kapoor,Updated: 13 Oct, 2026 07:24 PM

जालंधर में कांग्रेस भवन के बाहर बनी दुकानों को लेकर चल रहा कानूनी विवाद एक बार फिर चर्चा में है। इन दुकानों को गिराने के नगर निगम के आदेशों के खिलाफ दुकानदारों की ओर से अदालत में दायर अपील खारिज कर दी गई है। इसके बाद दुकानों को गिराने की कार्रवाई का...
जालंधर: जालंधर में कांग्रेस भवन के बाहर बनी दुकानों को लेकर चल रहा कानूनी विवाद एक बार फिर चर्चा में है। इन दुकानों को गिराने के नगर निगम के आदेशों के खिलाफ दुकानदारों की ओर से अदालत में दायर अपील खारिज कर दी गई है। इसके बाद दुकानों को गिराने की कार्रवाई का रास्ता साफ होने की संभावना है।
मामले के अनुसार, जिला कांग्रेस कमेटी (अर्बन) के कार्यालय से संबंधित निर्माण को लेकर विवाद सामने आया था। इस मामले में वर्ष 2013 में नगर निगम के आदेश को चुनौती देते हुए अपील दायर की गई थी। बाद में अदालत ने 19 सितंबर 2016 को अपना फैसला सुनाया था।
2016 में अदालत ने दिया था अवैध निर्माण गिराने का आदेश
अदालत के 19 सितंबर 2016 के फैसले के मुताबिक, जिला कांग्रेस कमेटी और उसके अध्यक्ष अरुण वालिया की अपील खारिज कर दी गई थी। फैसले में कांग्रेस भवन के बाहर बनी दुकानों से संबंधित अवैध निर्माण को गिराने के निर्देश दिए गए थे।
अदालत ने अपने आदेश में कहा था कि अपीलकर्ताओं को 15 दिनों के भीतर अवैध निर्माण अपने खर्च पर हटाना होगा। ऐसा नहीं होने पर नगर निगम, जालंधर को अगले 15 दिनों में निर्माण गिराने और उसका खर्च वसूलने के निर्देश दिए गए थे।
दुकानदारों ने दायर की थी अपील
इसके बाद संबंधित दुकानदारों ने अदालत में अपील दायर कर दी थी। अब इसी अपील पर सुनवाई के बाद अदालत ने केस खारिज कर दिया है। इससे मामले में दुकानदारों को कानूनी राहत नहीं मिली है। हालांकि, निगम की ओर से तोड़फोड़ की कार्रवाई कब की जाएगी, इस संबंध में फिलहाल कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। अब आगे की कार्रवाई अदालत के आदेश और नगर निगम के रुख पर निर्भर करेगी।
मनित मल्होत्रा और अजय जोशी ने उठाया था अवैध निर्माण का मामला
इस मामले की शुरुआत मनित मल्होत्रा और अजय जोशी की ओर से पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में दायर याचिका से हुई थी। याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया था कि जालंधर के राजिंदर नगर स्थित जिला कांग्रेस कमेटी (अर्बन) के कार्यालय में निर्माण नियमों का उल्लंघन करते हुए दुकानें बनाई गई हैं और नगर निगम की जमीन पर भी अतिक्रमण किया गया है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से कार्रवाई की मांग की थी।
इसके बाद मामला नगर निगम और अदालत तक पहुंचा। 19 सितंबर 2016 को अतिरिक्त जिला न्यायाधीश गुरनाम सिंह ढिल्लों की अदालत ने जिला कांग्रेस कमेटी की अपील खारिज करते हुए अवैध निर्माण को गिराने के निर्देश दिए थे। अब दुकानदारों की ओर से दायर अपील भी खारिज होने की जानकारी सामने आई है।