Edited By Urmila,Updated: 16 Jun, 2026 01:51 PM

जालंधर में नगर निगम और पुलिस प्रशासन ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए शहर के चर्चित वीर दा ढाबा पर बने कथित अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया।
जालंधर : जालंधर में नगर निगम और पुलिस प्रशासन ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए धानकिया मोहल्ले में चर्चित वीर दा ढाबा पर बने कथित अवैध निर्माण को आज ध्वस्त कर दिया। यह कार्रवाई आज दिनभर चली, जिसके दौरान किसी भी तरह की कानून-व्यवस्था की स्थिति से निपटने के लिए भारी पुलिस बल तैनात रहा। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, यह ढाबा कथित रूप से नशा तस्करी के मामलों में नामजद धर्मेंद्र सिंह से जुड़ा बताया जा रहा है, जिसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत कई केस दर्ज हैं। नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि अवैध निर्माण को लेकर पहले ही ढाबा संचालक को आधिकारिक नोटिस जारी किया गया था, लेकिन तय समय सीमा में कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद कानूनी प्रक्रिया पूरी कर आज तोड़फोड़ की गई।
कार्रवाई के दौरान ढाबा मालिक की पत्नी रज्जी ने प्रशासन की कार्रवाई का कड़ा विरोध किया। रज्जी का दावा है कि संपत्ति की रजिस्ट्री उसके नाम पर है और ढाबा चलाने के लिए सभी जरूरी अनुमतियां भी उसी के पास हैं। उसने बताया कि वह पिछले करीब 10 वर्षों से अपने पति से अलग रह रही है और बच्चों का पालन-पोषण स्वयं कर रही है। रज्जी ने यह भी कहा कि लगभग दो साल पहले भी प्रशासन ने यहां तोड़फोड़ की थी, जिसके बाद 7–8 महीने पहले उसने दोबारा निर्माण कराया था। उसका आरोप है कि इस बार जो नोटिस जारी किया गया, वह उसके पति के नाम पर था, जबकि वह इस स्थान पर रहता ही नहीं है। रज्जी ने मामले को लेकर अपने वकील से संपर्क करने और आगे कानूनी कदम उठाने की बात कही है।
इस पूरे घटनाक्रम के दौरान जालंधर में चार थानों की पुलिस फोर्स मौके पर मौजूद रही। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि उनकी भूमिका केवल नगर निगम की टीम को सुरक्षा मुहैया कराना और इलाके में शांति व्यवस्था बनाए रखना थी।
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