Edited By Subhash Kapoor,Updated: 11 May, 2026 07:51 PM

पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के सख्त आदेशों के बाद लुधियाना का ट्रांसपोर्ट विभाग पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। विभाग ने जिले के उन सभी वाहनों के खिलाफ विशेष अभियान (इन्फोर्समेंट ड्राइव) शुरू कर दिया है, जिन्हें सरकारी बकाया राशि न चुकाने, पेंडिंग...
लुधियाना (राज): पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के सख्त आदेशों के बाद लुधियाना का ट्रांसपोर्ट विभाग पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। विभाग ने जिले के उन सभी वाहनों के खिलाफ विशेष अभियान (इन्फोर्समेंट ड्राइव) शुरू कर दिया है, जिन्हें सरकारी बकाया राशि न चुकाने, पेंडिंग रिकवरी या अनपेड ट्रैफिक चालान की वजह से 'ब्लैक लिस्ट' किया गया है। विभाग ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि ऐसे वाहन सड़कों पर चलते पाए गए, तो उन्हें मौके पर ही जब्त (इंपाउंड) कर लिया जाएगा।
ट्रांसपोर्ट विभाग के प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि माननीय हाई कोर्ट के निर्देशों (CWP-PIL No. 291 of 2025) के तहत यह कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। जिले में बड़ी संख्या में ऐसे वाहन हैं जिनके मालिकों ने लंबे समय से सरकारी फीस, टैक्स या ट्रैफिक चालानों का भुगतान नहीं किया है। विभाग ने इन सभी डिफॉल्टरों को सख्त हिदायत दी है कि वे बिना किसी देरी के अपने बकाया का भुगतान करें और संबंधित अधिकारियों से मिलकर अपने वाहन का स्टेटस रेगुलराइज करवाएं।
इस अभियान को सफल बनाने के लिए लुधियाना पुलिस और ट्रांसपोर्ट विभाग की संयुक्त टीमें शहर के विभिन्न हिस्सों में चेकिंग कर रही हैं। मोटर वाहन अधिनियम, 1988 के कड़े प्रावधानों के तहत कार्रवाई करते हुए किसी भी ब्लैक लिस्टेड वाहन को सड़क पर चलते ही इंपाउंड करने के आदेश जारी किए गए हैं। प्रशासन का कहना है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के साथ किसी भी तरह की रियायत नहीं बरती जाएगी।
आम जनता की सुविधा के लिए विभाग ने ब्लैक लिस्टेड वाहनों और बकायादारों की सूची सार्वजनिक कर दी है। यह लिस्ट क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (RTO) लुधियाना के कार्यालय के साथ-साथ जिले के सभी एसडीएम (SDM) कार्यालयों में भी प्रदर्शित की जाएगी। वाहन मालिकों को सलाह दी गई है कि वे कानूनी कार्रवाई और वाहन के जब्त होने की परेशानी से बचने के लिए तुरंत अपने वाहन का स्टेटस चेक करें और नियमानुसार बकाया राशि जमा करवाएं। इस कार्रवाई से शहर के उन वाहन मालिकों में हड़कंप मच गया है जिन्होंने सालों से चालान और टैक्स पेंडिंग रखे हुए थे।