कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा के बाद विवादों में घिरा एक और AAP MLA

Edited By Kamini,Updated: 09 May, 2026 08:20 PM

another aap mla embroiled in controversy

आम आदमी पार्टी के कैबिनेट मंत्री के बाद एक और विधायक विवादों में आ गया है।

पंजाब डेस्क: आम आदमी पार्टी के कैबिनेट मंत्री के बाद एक और विधायक विवादों में आ गया है। दरअसल, लुधियाना से आम आदमी पार्टी के विधायक अशोक कुमार पराशर विवादों में घिरते हुए नजर आ रहे हैं। फर्जी नौकरियों के लगे आरोपों में घिरा युवक निखिल सभ्रवाल मीडिया के सामने आ गया है। निखिल ने बताया कि, उसके ऊपर लगत आरोप लगाए गए हैं। जबकि नौकरियों का झांसा देकर लोगों को जितने भी पैसे लिए जाते थे वह विधायक पराशर को दिए जाते थे।   

विधायक पराशर का पीए युवक निखिल

मीडिया के सामने आए निखिल ने बताया कि जब उसके खिलाफ मामला दर्ज करवाया गया तो उसे मजबूरन मीडिया के सामने आना पड़ा। उसे नकली पीए बोलकर 2 साल बाद मामला दर्ज करवा दिया गया है। एमएलए ने 13 हजार रुपए देता था। जितने भी उलटे सीधे काम होते थे उससे करवाते थे। जेब खर्च पानी के लिए 5-6 हजार रुपए दे देते थे। युवक ने कहा कि, क्या पहले ये लोग सो रहे थे, अब इन्हें याद आ गई। मेरे उपर आरोप लगाए गए हैं, नकली पीए है। उसने कहा कि मेरा ID कार्ड, सोशल मीडिया अकाउंट फेसबुक और इंस्टाग्राम चेक कर सकते हैं। मेरी वीडियो और तस्वीरें चे कर लें। युवक ने कहा कि, वह अशोक पराशर पप्पी का पीए है। उसका आफिस इंचार्ज का आईकार्ड बना हुआ है। जब 2022 में वह विधायक बने तब से उनके साथ काम कर रहे हैं। उसे प्राइवेट रखा हुआ था। युवक निखिल ने बताया कि, विधायक के दफ्तर का सारा काम वह करता था। सुबह 9 बजे से  रात 10 बजे तक वह दफ्तर में ही काम करता था।

डीसी रेट नौकरी का झांसा देकर ठगी

युवक निखिल ने आरोप लगाते हुए कहा कि,  लोगों को नौकरियां देने का झांसा देकर 1.70 लाख रुपए लिए जिन्हें विधायक को दिए गए। ये रकम इतनी ही नहीं बल्कि 80-90 करोड़ों रुपए से ज्यादा तक जाएगी। अभी तो सिर्फ 2 लोगो ही सामने आए हैं, जिससे ये मामला सामने आया। डीसी रेट की भर्ती के लिए एक लाख रुपए लेने के लिए कहा जाता था। किसी व्यक्ति से 90 हजार रुपए लेकर 10 हजार वह (निखिल) खुद रखता था। उसके अपने रिश्तेदार भी काफी फंस गए। युवक ने बताया कि उसके पिता की मौत 2022 में हो गई है, उसके परिवार में उसकी मां, दादी, और बहन है। जिन लोगों को नौकरी की बात का झांसा दिया गया उनमें उसके परिवार के लोग भी शामिल है। युवक ने कहा कि, विधायक के कारण उसका अपना घर बिक गया।

लाखों की ट्रांजेक्शन की स्टेटमेंट

युवक निखिल ने बताया कि, 8.3.2024 को सिनी स्केयर की तरफ से 89 लाख की ट्रांजेक्शन की गई। मेरे खाते में बाहर से डलवाया था और कहा जाता था कि कनाडा से फंड आया। इसके बाद इन पैसों को विधायक ने अपनी पत्नी के खाते में डलवा लिया। पहले तो 40 लाख 8 तारीख खाते में डलवाए फिर 10 लाख 9 तारीख को इसके बाद एक 25 लाख रुपए ट्रांजेक्शन की गई। उसके बाद युवक के खाते में चुनावों के समय 24.4.2024 में कार्पोरेशन बिल्डिंग इंस्पेक्टर हरमिंदर सिंह मक्कड़ ने 30 लाख रुपए डाले। इस रकम में से विधायक पराशर के खाते में 15 लाख रुपए और उसके बेटे विकास पराशर के खाते में 99 हजार रुपए स्कैनर से जरिए डाले गए। फंड के पैसे बोलकर खाते में पैसे आ रहे थे। 

हमारे साथ रहेगा आगे तक जाएगा

युवक निखिल ने कहा कि हर बार उसे कहा जाता था कि, तेरा काम सही है हमारे साथ रहेगा तो आगे तक जाएगा। डीसी रेट की भर्ती के लिए एक लाख रुपए लिए जाते थे। किसी व्यक्ति से 90 हजार रुपए लेकर 10 हजार युवक खुद रखता था। इसी बीच उसके अपने रिश्तेदार भी काफी फंस गए।  

सारे सबूत पास होने का दावा

एमपी की चुनावों के दौरान प्रचार दौरान जितने भी पेमेंट गई उसके बिल पड़े हुए हैं। इसके अलावा उसके पास बैंक खातों के स्टेटमेंट भी है। युवक ने कहा आने वाले समय में सभी सबूत दिखा दूंगा। उसने अपना आईडी कार्ड दिखाते हुए कहा कि,  वह नकली पीए नहीं है। उसकी सोशल मीडिया पर निखिल सभ्रवाल की आईडी है। कोई भी विधायक ऐसे ही किसी को अपनी कुर्सी पर नहीं बैठाता। 

थाना नंबर 2 में हुई शिकायत दर्ज

2 साल से कह दिया था कि, तू काम पर न आ तेरा देख लेंगे। किसी व्यक्ति ने मेरी शिकायत करवा दी, कि ये विधायक पराशर का पीए है। युवक ने बताया कि उसकी 2 नंबर थाने में शिकायत दी गई। थाने का DSP भनोट विधायक पराशर का खास दोस्त है। शिकायत मिलने पर उसने विधायक को फोन कर दिया कि, आपके खिलाफ शिकायत मिली है। इसके बाद विधायक ने कहा कि इसके खिलाफ मामला दर्ज कर लो नहीं तो मैं फंस जाऊंगा। 

विधायक दफ्तर पैसे लेने पहुंच लोग

इसके बाद नौकरी के झांसे में फंसे लोग युवक से पैसे मांगने लगे, जिसमें उसके रिश्तेदार भी थे। युवक ने विधायक से भी कई बार कहा कि जिनकी नौकरी नहीं लगी उसके पैसे वापस कर दें। इसके बाद वहीं बात हुई सभी लोग दफ्तर में आ गए। इस दौरान एमएलए ने सारी बात युवक पर डाल दी और कहा कि इसने तूम लोगों से पैसे लिए हैं इससे से ही वापस लो। 

परिवार को जान से मारने की धमकी

हैबोवाल प्लाट पर बुलाकर कहा कि, मैं कबरों पर बैठा हूं, तेरे घर के जो 3-4 लोग है उन्हें भी उठाने पमें देरी नहीं लगेगी। यहां से चला जा। इसके बाद युवक निखिल 2 महीने दुबई चला गया, लेकिन इस दौरान उसके परिवार वालों तंग किया जाता था। उसके घर में अलग-अलग थाने की पुलिस आती थी। इस बात से परेशान होकर वह वापस आया है। और लोगों को सच्चाई बताई।

प्रशासन से मांग

प्राशसन से मांग कि पूरे मामले की जांच सीबीआई और होम मिनिस्टर, ईडी से जांचकरवाई जाए। क्योंकि पंजाब की पुलिस से कोई उम्मीद नहीं है। युवक ने अपनी जान को भी खतरा बताया। उसने कहा कि, वह मीडिया के सामने नहीं आना चाहता था। परिवार वालों की जान को खतरा है। जल्द से जल्द पूरे प्रूफ सार्वजनिक करूंगा।

विधायक की सफाई: 'ईमानदार छवि खराब करने की विपक्षी साजिश' :


वहीं, दूसरी तरफ विधायक अशोक पराशर पप्पी ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे विपक्ष की ओछी साजिश करार दिया है। विधायक ने कहा कि आरोपी उसके आफिस में आता था और जब उन्हें उसकी ठगी का पता चला, तो उन्होंने खुद पीड़ितों की मदद की और पुलिस से केस दर्ज करवाया। विधायक का कहना है कि आरोपी अब भाजपा नेता गुरदेव देबी के साथ मिलकर उनकी छवि खराब करने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि आरोपी के पास कोई सबूत नहीं है। सिर्फ फर्जी कागज़ दिखा कर आरोप लगा रहा है। उसकी किसी बात में कोई सच्चाई नहीं है।

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!