Edited By Subhash Kapoor,Updated: 05 May, 2026 07:25 PM

प्यार, धोखा और फिर मौत... गिल रेलवे स्टेशन के पास रहने वाले 21 वर्षीय निखिल की खुदकुशी के मामले में आखिरकार 6 महीने बाद कानून का डंडा चला है। न्याय की आस में दर-दर भटक रही एक बेबस मां की पुकार जब पुलिस कमिश्नर के दरबार तक पहुंची, तो सिस्टम की सुस्ती...
लुधियाना (राज): प्यार, धोखा और फिर मौत... गिल रेलवे स्टेशन के पास रहने वाले 21 वर्षीय निखिल की खुदकुशी के मामले में आखिरकार 6 महीने बाद कानून का डंडा चला है। न्याय की आस में दर-दर भटक रही एक बेबस मां की पुकार जब पुलिस कमिश्नर के दरबार तक पहुंची, तो सिस्टम की सुस्ती टूट गई। पुलिस कमिश्नर स्वप्न शर्मा के सख्त आदेशों के बाद थाना सदर पुलिस ने निखिल की प्रेमिका के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज कर लिया है। यह कार्रवाई तब हुई जब पीड़ित मां ने एनजीओ के साथ मिलकर कमिश्नर दफ्तर का घेराव किया और अपनी व्यथा सुनाई।
घटना की शुरुआत पिछले साल 27 अक्टूबर को हुई थी, जब निखिल ने अपने ही घर में आत्महत्या कर ली। उस समय परिवार गहरे सदमे में था, लेकिन अंतिम संस्कार के करीब एक महीने बाद जब निखिल की कॉपियां खंगाली गईं, तो उसमें से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ। उस खत में छिपे दर्द ने हर किसी की आंखें नम कर दीं। निखिल ने साफ लिखा था कि वह अपनी प्रेमिका से बेइंतहा मोहब्बत करता था, लेकिन युवती के व्यवहार और प्रताड़ना ने उसे मरने पर मजबूर कर दिया। मृतक की मां गीता का आरोप है कि उनका बेटा मोहल्ले की ही एक युवती के साथ पिछले तीन साल से रिश्ते में था। युवती उसे अक्सर अपने घर बुलाती थी, लेकिन फिर उसे मानसिक रूप से इस कदर प्रताड़ित करने लगी कि निखिल पहले भी दो-तीन बार जान देने की कोशिश कर चुका था।
दुखद पहलू यह है कि इंसाफ की जंग लड़ रही मां पिछले छह महीनों से पुलिस चौकियों और थानों के चक्कर काट रही थी, लेकिन हर बार उसे हदबंदी या तकनीकी कारणों का हवाला देकर वापस भेज दिया जाता था। आखिर में जब पानी सिर से ऊपर चला गया, तो उन्होंने एनजीओ के सहयोग से पुलिस कमिश्नर के दफ्तर के बाहर धरना प्रदर्शन किया। कमिश्नर स्वप्न शर्मा ने मामले की गंभीरता को समझते हुए मौके पर ही थाना सदर प्रभारी को जमकर फटकार लगाई और तुरंत एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए। जांच अधिकारी धर्मपाल सिंह ने बताया कि सुसाइड नोट और मां के बयानों के आधार पर केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने निखिल का मोबाइल और वह कॉपियां कब्जे में ले ली हैं, जिन्हें फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जाएगा।