अमृतसर एयरपोर्ट पर ‘बर्ड-हिट’ व अवैध निर्माणों पर लगेगी रोक, मैनेजमेंट हुई सख्त

Edited By Kalash,Updated: 12 Apr, 2026 02:14 PM

amritsar airport management

अमृतसर के अंतर्राष्ट्रीय श्री गुरु रामदास जी एयरपोर्ट पर विमानों के सुरक्षित संचालन और पर्यावरण प्रबंधन को लेकर शनिवार को 'एयरपोर्ट एनवायरनमेंट मैनेजमेंट केन्द्र (ए.ई.एम.सी.) की एक महत्वपूर्ण मीटिंग का आयोजन किया गया।

अमृतसर (इन्द्रजीत): अमृतसर के अंतर्राष्ट्रीय श्री गुरु रामदास जी एयरपोर्ट पर विमानों के सुरक्षित संचालन और पर्यावरण प्रबंधन को लेकर शनिवार को 'एयरपोर्ट एनवायरनमेंट मैनेजमेंट केन्द्र (ए.ई.एम.सी.) की एक महत्वपूर्ण मीटिंग का आयोजन किया गया। एयरपोर्ट डायरेक्टर भूपेंद्र सिंह की अध्यक्षता में ए.ए.आई. बिजनेस सेंटर में हुई इस बैठक में विमानों की सुरक्षा में बाधक बनने वाले कारणों पर विस्तार से मंथन किया गया। मीटिंग के दौरान नागरिक उड्डयन विभाग, स्थानीय प्रशासन व पुलिस विभाग के अतिरिक्त एक दर्जन से अधिक विभागों के अधिकारियों ने भी संयुक्त रूप से भाग लिया, ताकि इन चुनौतियों का समाधान निकाला जा सके। इस दौरान मुख्य तौर पर एयरपोर्ट निर्देशक भूपेंद्र सिंह, भारतीय वायु सेना से रिपुदमन कौर मान, कैप्टन अजय पाल सिंह, खुशबीर सिंह एस.डी.एम., एस.पी. देहाती आदित्य वारियर, सी.आई.एस.एफ से तुषार डी., जंगलात विभाग से डा. दिलप्रीत कौर, डा. जसपाल सिंह (डी.एच.ओ.), फूड सप्लाई विभाग से संदीप सिंह, इंडिगो एयरलाइंस से मैनेजर सुनंदा आले, विमानपत्तन प्राधिकरण से वरुण प्रताप, पवन, रतन सिंह, लोकल पुलिस से मैडम कलजीत कौर आदि उपस्थित रहे।

पक्षियों और वन्यजीवों के खतरे पर रहा फोक्स 

बैठक के दौरान समिति ने इस बात पर चिंता जताई कि हवाई अड्डे के आस-पास पक्षियों और वन्यजीवों की बढ़ती गतिविधि विमानों की सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा है। एयरपोर्ट के निदेशक भूपेंद्र सिंह ने स्पष्ट किया कि ‘बर्ड-हिट’ जैसी घटनाओं को रोकने के लिए निरंतर और प्रभावी कदम उठाना अनिवार्य है। पिछली बार जब मीटिंग 22 मई 2025 को हुई थी, जिसके बाद से अब तक के सुरक्षा उपायों की भी समीक्षा की गई।

इन मुख्य मुद्दों पर हुई चर्चा

एयरपोर्ट डायरेक्टर ने बताया कि इस मीटिंग में पक्षियों के खतरे के साथ-साथ कई आधुनिक चुनौतियों पर भी गहनता से अध्ययन किया गया, जो लैंडिंग और टेक ऑफ से संबंधित थे। उन्होंने कहा कि एयरपोर्ट पर लैंडिंग और टेक ऑफ पर हमारी पैनी नजर रहती है।

लेजर बीम का खतरा 

लैंडिंग और टेक-ऑफ के समय विमानों पर लेजर लाइट डालने की घटनाओं पर रोक लगाने की बात कही गई। तर्क दिया गया कि इनसे पायलटों की दृश्यता प्रभावित होती है।

अवैध ड्रोन विमान मूवमेंट के लिए खतरा   

मीटिंग के दौरान हवाई अड्डे के प्रतिबंधित क्षेत्रों में अनधिकृत ड्रोन उड़ानों पर सख्ती बरतने के निर्देश दिए गए। हालांकि एयरपोर्ट का प्रतिबंधित क्षेत्र बहुत सीमित है, जबकि इसके निकटवर्ती क्षेत्रों के लिए स्थानीय प्रशासन और बलों की भी जिम्मेदारी बनती है।

हवाई अड्डे के आस-पास अवैध निर्माणों पर फोक्स 

एयरपोर्ट परिसर के पास नियमों के विरुद्ध हो रहे निर्माण कार्यों को लेकर खुलकर चर्चा हुई। एयरपोर्ट पर उपस्थित बुद्धिजीवियों द्वारा इसे सुरक्षा के लिहाज से गंभीर माना गया। डायरैक्टर ने कहा कि एयरपोर्ट एक संवेदनशील स्थल है और इसका आस-पास भी अति सुरक्षित होना चाहिए।

पशुओं के अवशेष व बूचड़खानों से पक्षी होते हैं एयरपोर्ट की तरफ आकर्षित 

हवाई अड्डे के आस-पास स्थित अनधिकृत झुग्गी-बस्तियों, खाने-पीने की दुकानों और अवैध बूचड़खानों को लेकर समिति ने सख्त रुख अपनाया है। मीटिंग में कहा गया कि खुले में फेंका गया कचरा, पशुओं के अवशेष, खुला सीवरेज व नालियां ही मुख्य कारण हैं, जिनसे भारी संख्या में पक्षी हवाई अड्डे की ओर आकर्षित होते हैं।

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