स्पेशल ईडी कोर्ट ने खारिज की AAP नेता दीपक सिंगला की जमानत

Edited By Urmila,Updated: 07 Jun, 2026 02:03 PM

aap leader deepak singla

पंचकूला की स्पेशल ईडी अदालत ने मनी लॉन्ड्रिंग के एक बड़े मामले में आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता दीपक सिंगला को बड़ा झटका दिया है।

पंजाब डेस्क : पंचकूला की स्पेशल ईडी अदालत ने मनी लॉन्ड्रिंग के एक बड़े मामले में आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता दीपक सिंगला को बड़ा झटका दिया है। अदालत ने उनकी ज़मानत याचिका खारिज करते हुए साफ कहा कि जांच अभी अधूरी है और भारी रकम का पता लगाया जाना बाकी है।

फोन का पासवर्ड न देने पर कोर्ट सख्त

कोर्ट ने अपने आदेश में माना कि कस्टडी के दौरान पूछताछ में दीपक सिंगला ने जांच एजेंसी के साथ पूरा सहयोग नहीं किया। उन्होंने ज़ब्त किए गए मोबाइल फोन का पासवर्ड जानबूझकर साझा नहीं किया, जबकि ईडी को आशंका है कि उसमें अपराध से जुड़े अहम सबूत मौजूद हो सकते हैं। पूछताछ के दौरान 165 में से करीब 150 सवालों के जवाब भी टालमटोल वाले पाए गए।

प्रवर्तन निदेशालय की ओर से दलील दी गई कि धोखाधड़ी के ज़रिए निकाली गई लगभग 143 करोड़ रुपये की राशि का अब तक पता नहीं चल पाया है। ईडी के मुताबिक, जब तक इस रकम की ट्रेसिंग नहीं होती, तब तक आरोपी को राहत देना जांच को प्रभावित कर सकता है।

बैंक फ्रॉड से जुड़ा है मामला

यह केस साल 2018 में सीबीआई द्वारा दर्ज किया गया था। शिकायत ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स की ओर से की गई थी, जिसमें आरोप था कि महेश टिंबर प्राइवेट लिमिटेड ने विदेशी लेटर ऑफ क्रेडिट के ज़रिए बैंक को सैकड़ों करोड़ रुपये का चूना लगाया। जांच में सामने आया कि मूल बकाया रकम 239 करोड़ रुपये से अधिक थी। ईडी के अनुसार, फंड इधर-उधर करने के लिए जाली बिल ऑफ एंट्री, बिल ऑफ लैडिंग और अन्य आयात दस्तावेज़ों का इस्तेमाल किया गया। दीपक सिंगला पर आरोप है कि उन्होंने कई आपस में जुड़ी कंपनियों और सर्कुलर ट्रांज़ैक्शन के ज़रिए अपराध से अर्जित धन को ठिकाने लगाने में सक्रिय भूमिका निभाई।

जांच एजेंसी ने कोर्ट को बताया कि इस नेटवर्क में सह-आरोपी रमन सिंगला और अशोक कुमार मित्तल की भूमिका भी सामने आई है। सिंगला कुछ ऐसी कंपनियों में डायरेक्टर या मैनेजर रहे हैं, जिनका इस्तेमाल कथित तौर पर मनी लॉन्ड्रिंग के लिए किया गया। 18 मई को गिरफ्तारी के बाद दीपक सिंगला को ईडी की हिरासत में भेजा गया था। उन्होंने अपनी गिरफ्तारी और रिमांड को पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट में चुनौती दी है। हालांकि, स्पेशल कोर्ट ने 6 जून को अपने आदेश में कहा कि आगे की जांच ज़रूरी है और इसी आधार पर फिलहाल ज़मानत नहीं दी जा सकती।

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