अकाली दल ने 9वीं बार हलका दाखा में लहराया परचम

Edited By Vatika,Updated: 25 Oct, 2019 10:16 AM

akali dal won in dakha

पंजाब की 4 विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव के नतीजों में अकाली-भाजपा को सिर्फ  एक सीट पर ही जीत हासिल हुई है जिसके तहत अकाली दल 9वीं बार हलका दाखा पर कब्जा करने में कामयाब हो गया है,

लुधियाना(हितेश): पंजाब की 4 विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव के नतीजों में अकाली-भाजपा को सिर्फ  एक सीट पर ही जीत हासिल हुई है जिसके तहत अकाली दल 9वीं बार हलका दाखा पर कब्जा करने में कामयाब हो गया है, क्योंकि 1967 के बाद कांग्रेस को 1992 में दोबारा इस सीट पर जीत मिली थी। इसके अलावा 2002 में कांग्रेस व 2017 मे आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार जीते थे, जबकि बाकी 8 बार हुए चुनाव के दौरान जीत अकाली दल के हिस्से में आई थी।
 

2 बार हार के बाद अयाली को नसीब हुई जीत
अयाली पहली बार 2012 में हलका दाखा से विधायक चुने गए थे उसके 2 वर्ष बाद 2014 में हुए लोकसभा चुनाव के दौरान अकाली दल द्वारा उन्हें लुधियाना से टिकट दी गई, लेकिन वह हार गए। यही नतीजा 2017 के विधानसभा चुनाव के दौरान देखने को मिला, जबकि अढ़ाई वर्ष के भीतर हुए उपचुनाव के दौरान अयाली ने अपनी सियासी जमीन वापस हासिल कर ली है।

फूलका की वजह से संधू पर भारी पड़ा बाहरी का मुद्दा
चुनाव के नतीजे सामने आने के बाद हलका दाखा में कांग्रेस के उम्मीदवार संदीप संधू की हार के कारणों को लेकर चर्चा शुरू हो गई है जिसमें सबसे पहले यही बात सुनने को मिल रही है कि संधू पर बाहरी का मुद्दा भारी पड़ गया है। क्योंकि इससे पहले एच.एस. फूलका ने भी दिल्ली से आकर चुनाव लड़ा था और जीत गए लेकिन बाद में वह ’यादा समय एरिया के लोगों के बीच नहीं रहे और कार्यकाल पूरा होने से पहले ही इस्तीफा दे दिया जिसके बाद होने वाले उप चुनाव के लिए कांग्रेस द्वारा उम्मीदवार बनाए गए संधू के लोकल न होने का अकाली दल द्वारा जमकर प्रचार किया जिसका उनको फायदा भी हुआ है।

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